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Russia-Ukraine War: खारकीव में फंसे हरियाणा के छात्रों ने पैदल निकलना किया शुरू, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

रोहतक की दो छात्राएं यूक्रेन में फंसी

रोहतक की दो छात्राएं यूक्रेन में फंसी

Ukraine Crisis: परिजनों का कहना है कि खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, इसलिए खारकीव में रहना अब सुरक्षित नहीं है. उन्होंने ...अधिक पढ़ें

रोहतक. यूक्रेन के खारकीव में फंसे भारतीय मेडिकल स्टुडेंट्स (Medical Students) ने अब पैदल ही सुरक्षित स्थानों पर निकलना शुरू कर दिया है. खारकीव में लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए ये बंकरों से निकलकर रेलवे स्टेशन की तरफ पर जा रहे हैं, ताकि किसी न किसी तरीके से पोलैंड (Poland) की सीमा तक जा सकें. रोहतक (Rohtak) की रहने वाली कनिष्का चौहान का परिवार बेहद डरा हुआ है, क्यों कि उनकी बेटी भी उस ग्रुप का हिस्सा है, जोकि जल्दी से जल्दी खारकीव से बाहर निकलना चाहता है.

रोहतक की ही रहने वाली तमन्ना नांदल के परिवार को भी चिंता सताए हुए है कि उनकी बेटी भी बंकर में फंसी हुई है. वह भी आज अपने ग्रुप के साथ बाहर निकलेगी. परिवार ने बताया कि खारकीव में भारतीय स्टुडेंट्स के ऐसे-ऐसे बहुत से ग्रुप हैं, जोकि बंकरों में छिपे हुए हैं, लेकिन यह ज्यादा दिन तक सुरक्षित नहीं है. इसलिए उन्होंने खुद से ही खारकीव छोड़ने का फैसला किया है.

इन दोनों परिवारों के अलावा बहुत से बच्चे ऐसे हैं, जो कि खारकीव में फंसे हुए हैं और उनके परिजन काफी परेशान हैं. परिजनों का कहना है कि सरकार और भारतीय दूतावास की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही. उनको डर है कि उनके बच्चों के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है. बच्चों ने उनको बताया कि अब तो उनके पास राशन भी कम हो रहा है और पीने के पानी की भी किल्लत है.

सरकार को तत्परता दिखानी चाहिए

खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, इसलिए खारकीव में रहना अब सुरक्षित नहीं है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्राथमिकता के तौर पर खारकीव में फंसे स्टूडेंट्स को निकाला जाए, क्योंकि वहां सबसे ज्यादा खतरा है. हालात बिगड़ चुके हैं और अब सरकार को तत्परता दिखानी चाहिए, क्योंकि ऐसे सैकड़ों बच्चे हैं जो कि मौत के साए हैं.

Tags: Haryana news, Russia ukraine war

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