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रोहतक: PGI में दिल की बीमारियों का बेहतरीन इलाज मौजूद, मरीजों को फिर भी बाहर जाने को मजबूर कर रहे कुछ डॉक्टर
Rohtak News in Hindi

Dheerendra Chaudhary | News18 Haryana
Updated: December 19, 2019, 4:10 PM IST
रोहतक: PGI में दिल की बीमारियों का बेहतरीन इलाज मौजूद, मरीजों को फिर भी बाहर जाने को मजबूर कर रहे कुछ डॉक्टर
रोहतक PGI में दिल के मरीजों को बाहर जाने को मजबूर कर रहे कुछ डॉक्टर

न्यूज18 की टीम को जब इस गोरखधंधे की भनक मिली तो पता लगा कि पीजीआई (PGI) में बेहतरीन डॉक्टर्स (Doctors) का स्टॉफ है और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कैथलैब (Cath lab) भी है. इसमें पेसमेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी आदि का बेहतरीन ईलाज होता है.

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रोहतक. प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान रोहतक पीजीआई (Rohtak PGI) में करोड़ों रूपए की लागत से इसी साल जून में अत्याधुनिक कैथ लैब (Cath Lab) तैयार की गई थी, जिसका उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने किया था. इस लैब में दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जाता है. लेकिन संस्थान के ही कुछ भ्रष्टाचारी डॉक्टर इस पर पलीता लगाने में जुटे हैं.

दरअसल दिल की बीमारियों का इलाज काफी महंगा होता है, ऐसे में मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए पीजीआई रोहतक के लाला शामलाल सुपर स्पेशलिटी विभाग में तकरीबन 6 करोड़ रूपए की लागत से कैथ लैब बनाई गई. स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जून 2019 में इसका उद्घाटन किया. इस लैब के निर्माण के साथ ही शहर में चल रहे निजी अस्पतालों का धंधा चौपट होने लगा, क्योंकि जिस इलाज के लिए निजी अस्पताल मरीजों से लाखों रूपए ऐंठते थे, वह महज कुछ हजार रूपए में ही संभव हो गया.

इसके बाद पीजीआई में कुछ डॉक्टर्स के साथ मिलीभगत कर निजी अस्पतालों में यह प्रचारित करना शुरू कर दिया कि पीजीआई में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर आदि की सुविधा नहीं है. अगर किसी को पता होता तो ये प्रचारित किया जाता कि दिल की बीमारी के एक्सपर्ट डॉक्टर्स नहीं है, यहां ईलाज कराना मरीज की जान के लिए खतरा हो सकता है.

कुल मिलाकर गंभीर मरीजों या उनके रिश्तेदारों को पीजीआई से बाहर जाने के लिए मजबूर कर देते हैं. निजी अस्पतालों के एजेंट इस पूरे गोरखधंधे को अंजाम देते हैं, जिसमें कुछ डॉक्टर्स का कमीशन हो सकता है.

पीजीआई में बेहतरीन डॉक्टर्स का स्टॉफ

न्यूज18 की टीम को जब इस गोरखधंधे की भनक मिली तो पता लगा कि पीजीआई में बेहतरीन डॉक्टर्स का स्टॉफ है और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कैथलैब भी है. इसमें पेसमेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी आदि का बेहतरीन ईलाज होता है. सिर्फ कुछ दवाओं और उपकरण का खर्च मरीज को उठाना पड़ता है, बाकी मरीज का कुछ खर्च नहीं होता. लेकिन कुछ डॉक्टर्स मरीजों को यहां तक पहुंचने ही नहीं देते.

मरीजों के लिए 24 घंटे इलाज उपलब्धकैथ लैब की सुविधाओं के बारे में डॉक्टर अश्विनी कुमार ने बताया कि हमारे यहां पर हर तरह की सुविधा है और मरीजों के लिए 24 घंटे ईलाज उपलब्ध है. अगर कोई मरीज पीजीआई में ईलाज के लिए आता है तो उसे कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। 6 करोड़ रुपए की लागत से सरकार ने कैथ लैब बनवाई है, इसका फायदा उठाना चाहिए. इस लैब के उद्घाटन के बाद से अब तक 392 एंजियोग्राफी, 76 एंजियोप्लास्टी, 18 टेम्प्रेरी पेसमेकर और 8 परमानेंट पेसमेकर लगाए जा चुके हैं.

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First published: December 19, 2019, 4:10 PM IST
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