संदिग्ध ड्रोन का मामला गहराया, एमडीयू ने बनाई जांच कमेटी

पुलिस प्रशासन छात्राओं के बयान के आधार पर इस मामले की अपने स्तर पर जांच में जुटा हुआ है. लेकिन अभी तक न तो यूनिवर्सिटी कमेटी किसी निर्णय पर पहुंची और न ही पुलिस.

Dheerendra Chaudhary | News18 Haryana
Updated: August 27, 2019, 5:10 PM IST
संदिग्ध ड्रोन का मामला गहराया, एमडीयू ने बनाई जांच कमेटी
महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी
Dheerendra Chaudhary | News18 Haryana
Updated: August 27, 2019, 5:10 PM IST
महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (Maharshi Dayanand University) के गर्ल्स हॉस्टल (Girls Hostel) में ड्रोन मंडराने का विवाद लगातार बढता जा रहा है. छात्राओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और ड्रोन को एयरोप्लेन बता रहा है. वहीं, एमडीयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के 6 प्रोफेसर की एक कमेटी बनाई गई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी. पुलिस प्रशासन छात्राओं के बयान के आधार पर इस मामले की अपने स्तर पर जांच में जुटा हुआ है. लेकिन अभी तक न तो यूनिवर्सिटी कमेटी किसी निर्णय पर पहुंची और न ही पुलिस.

पिछले कई दिनों से रोहतक की एमडी यूनिवर्सिटी विवादों में है. यहां के गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियों का आरोप है कि रात के वक्त हॉस्टलो के ऊपर ड्रोन कैमरे मंडराते रहते हैं, जिससे छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ है. उन्होंने कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस बारे में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. उल्टा लडकियों को ही धमकाया जा रहा है कि वे एयरोप्लेन को ड्रोन बता रही हैं और हॉस्टल का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं.

इस बारे में लड़कियों ने बाकायदा यूनिवर्सिटी को वीडियो बनाकर दी और बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से हॉस्टल की छतों पर ड्रोन मंडराते देखें हैं, लेकिन प्रशासन इस पर यकिन नहीं कर रहा, बल्कि इसे एयरोप्लेन बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है. छात्र नेता किरण और प्रदीप देशवाल का आरोप है कि यूनिवर्सिटी  प्रबंधन लड़कियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है और न तो सही ढंग से जांच की जा रही और न ही लड़कियों की शिकायत पर गौर किया जा रहा है.

छात्र नेताओं ने लगाए ये आरोप

उन्होंने आरोप लगाए कि यूनिवर्सिटी ने जांच के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें न तो कोई ड्रोन एक्सपर्ट और न ही कोई छात्र-प्रतिनिधी. यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स को अपने विषय की जानकारी तो हो सकती है, लेकिन वे ड्रोन या एयरोप्लेन की तकनीकी जांच कैसे कर सकते हैं. सिर्फ खानापूर्ति के लिए और अपनी कमी को छिपाने के लिए ये कमेटी बनाई गई है. छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने खुद ड्रोन कैमरे देखे, उसके बाद भी प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा.

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कही ये बात

इस बारे में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा ने कहा कि इस बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन गंभीरता से जांच कर रहा है और एक जांच कमेटी भी बना दी, जो जल्दी ही अपनी जांच रिपोर्ट देगी. हॉस्टल गर्ल्स की जो शिकायत है, उस पर कार्रवाई हो रही है और बाकायदा पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है.
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किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी

पुलिस अधिकारी अनिल कुमार ने भी कहा कि अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. ये लड़कियों की सुरक्षा का मामला है, हम इसकी गहराई से जांच कर रहे हैं और आसपास के एरिया की जांच भी की जा रही है. इस बारे में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है.

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First published: August 27, 2019, 5:10 PM IST
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