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अचानक राम रहीम के नाम से सुनारिया जेल पहुंचने लगे हजारों लिफाफे, बोरों में भर कर पहुंचा रहे डाक कर्मचारी

अचानक राम रहीम के नाम से सुनारिया जेल पहुंचने लगे हजारों लिफाफे, बोरों में भर कर पहुंचा रहे डाक कर्मचारी

राम रहीम के नाम जेल में हजारों की संख्या में लिफाफे और ग्रीटिंग कार्ड पहुंच रहे हैं.

राम रहीम के नाम जेल में हजारों की संख्या में लिफाफे और ग्रीटिंग कार्ड पहुंच रहे हैं.

राम रहीम के नाम से हर साल हजारों की संख्या में राखियां और ग्रीटिंग कार्ड पहुंचते हैं रोहतक की सुनारिया जेल, पिछले 4 सालों से ये सिलसिला जारी है और इस साल भी बड़ी संख्या में राम रहीम के नाम के लिफाफे जेल पहुंचाए जा रहे हैं.

रोहतक. हत्या और यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिए गए गुरमीत राम रहीम के लिए फिर एक बार रोहतक की सुनारिया जेल में राखियां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. पिछले 5 साल से सुनारिया जेल में सजा काट रहे राम रहीम के लिए राखियों के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रीटिंग कार्ड भी आए हैं. गौरतलब है कि कभी पैरोल, कभी फरलो तो कभी इलाज के नाम पर राम रहीम जेल से बाहर आया है जिसको लेकर उसके अनुयायियों में काफी जोश बना रहता है.

हर साल रक्षाबंधन के मौके पर राम रहीम के अनुयायी उन्हें हजारों की संख्या में ग्रीटिंग कार्ड्स और राखियां भी भेजते हैं. पिछले 4 साल से लगातार यह सिलसिला अनवरत जारी है. जब भी रक्षाबंधन का त्यौहार आता है तो तकरीबन 10 से 15 दिन तक लगातार रोहतक की सुनारिया जेल में डाक आती रहती हैं, जो कि गुरमीत राम रहीम के नाम होती हैं. सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के डाकघर में पिछले कई दिन से सैकड़ों की संख्या में राखियां और ग्रीटिंग कार्ड आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर गुरमीत राम रहीम के नाम से हैं.

ऑटो से लाते हैं डाक
हालत ये बन जाते हैं कि डाक कर्मचारियों को रोहतक के मुख्य डाकघर से सुनारिया के डाकघर तक डाक लाने के लिए किराए पर ऑटो करना पड़ता है. राम रहीम के नाम की जो डाक होती हैं, उनको बोरों में भरकर लाना पड़ता है. डाक कर्मचारी अजमेर सिंह ने बताया कि पिछले 4 साल से इसी तरह के हालात बन जाते हैं. इस साल भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में ग्रीटिंग कार्ड और राखियों के लिफाफे राम रहीम के नाम पर आ रहे हैं.

रक्षाबंधन के बाद भी आती है डाक
अजमेर सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन का त्यौहार जाने के बाद भी 10-15 दिन तक डाक आती रहती हैं, जिनमें ज्यादातर राखियां और ग्रीटिंग्स कार्ड होते हैं, जिन्हें वे छांटकर रोहतक जेल प्रशासन को भेज देते हैं. इन दिनों इतना काम बढ़ जाता है कि देर रात तक ही वे छंटनी करते रहते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां पर राम रहीम के नाम की डाक आती हैं.

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