Home /News /haryana /

हरियाणा: बेमौसमी बरसात ने तबाह की धान की फसल, किसानों ने की सरकार से मुआवजे की मांग

हरियाणा: बेमौसमी बरसात ने तबाह की धान की फसल, किसानों ने की सरकार से मुआवजे की मांग

बेमौसमी बरसाान ने बढ़ाई हरियााणा के किसानों की चिंता

बेमौसमी बरसाान ने बढ़ाई हरियााणा के किसानों की चिंता

Haryana Farmers News: हरियाणा के किसानों को तेज आंधी व बारिश की वजह से भारी नुकसान हुआ है. बारिश व तूफान से धान की फसल बिल्कुल बिछ गई है, जिसकी वजह से धान की उपज आधे से भी कम होगी.

रोहतक. हरियाणा में पिछले कई दिनों से हो रही बेमौसमी बारिश (Unseasonal Rain ) व तेज आंधी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है. तेज आंधी व बारिश ने किसानों की धान की फसल (Paddy Crop) को भारी नुकसान पहुंचाया है. जबकि बारिश व तेज आंधी के कारण खेतो में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई. रोहतक जिले की बात करें तो हजारों एकड़ धान की फसल बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई. किसानों के मुताबिक, बारिश की वजह से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है.

किसानों का कहना है कि धान की फसल खराब होने से उनके खर्च की भी भरपाई नहीं हो पाएगी. किसानों ने बताया कि बीती रात हुई तेज आंधी व बारिश की वजह से धान की फसल बिल्कुल बिछ गई है, जिस कारण फसल को भारी नुकसान हुआ है. इसकी वजह से धान की उपज आधे से भी कम होगी.

किसानों पर दोहरी मार पड़ रही

धान की फसल बिछने से कटाई सही तरह से नहीं होगी और धान की झड़ाई के पैसे भी ज्यादा लगेंगे. पहले कपास व बाजरे की फसल बारिश की वजह से खराब हो चुकी है. किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है. एक तो भाव नहीं मिल रहा है, दूसरा किसान को सरकार मुआवजा भी नहीं दे रही.

किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगा

उन्होंने बताया कि धान की एक एकड़ फसल पर करीब 20 हजार रुपए का खर्चा आता है. अब धान की फसल खराब होने से उनके खर्च की भरपाई भी नहीं होगी.अभी तक पिछली खराब हुई फसल की गिरदावरी भी नहीं हुई है, अब धान की फसल खराब हो गई है. अगर सरकार ने मुआवजा नहीं दिया तो किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगा. हमारी मांग है कि सरकार गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा दे.

Tags: Farmer, Haryana Farmers, Haryana weather

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर