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कॉमनवेल्थ के तीनों मेडल और ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान बनी साक्षी मलिक, परिवार में जश्न

कॉमनवेल्थ के तीनों मेडल और ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान बनी साक्षी मलिक, परिवार में जश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार मेडल जीतकर पहलवान साक्षी मलिक ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है.

कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार मेडल जीतकर पहलवान साक्षी मलिक ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है.

Wrestler Sakshi Malik success story: कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार मेडल जीतकर पहलवान साक्षी मलिक ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. वे अकेली ऐसी महिला पहलवान हैं, जिसके पास ओलंपिक में भी पदक हैं और साथ ही कॉमनवेल्थ में भी तीनों मेडल स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं. अपनी बेटी की इस उपलब्धि से उसके संघर्ष की साथी रही उसकी मां सुदेश मलिक बेहद खुश हैं.

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हाइलाइट्स

शादी के बाद आसान नहीं था कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतना, लेकिन कर दिखाया
2016 के रियो ओलंपिक में पहली बार मेडल जीतकर रोशन किया था देश का नाम
जीत की खुशी से गदगद है परिवार, स्वागत के लिए बेसब्री से इंतजार

रोहतक. कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार मेडल जीतकर पहलवान साक्षी मलिक ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. वे अकेली ऐसी महिला पहलवान हैं, जिसके पास ओलंपिक में भी पदक हैं और साथ ही कॉमनवेल्थ में भी तीनों मेडल स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं. अपनी बेटी की इस उपलब्धि से उसके संघर्ष की साथी रही उसकी मां सुदेश मलिक बेहद खुश हैं. वह बताती हैं कि किस तरह से उसके अंदर कुश्ती का जुनून है.

महज 12 साल की उम्र से कुश्ती शुरू करने वाली साक्षी मलिक के अंदर बचपन से ही कुश्ती को लेकर जुनून है और आज वह इस मुकाम पर पहुंच गईं कि कॉमनवेल्थ गेम्स में उसने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है. हालांकि इससे पहले साक्षी ने 2014 में सिल्वर मेडल और 2018 में कांस्य पदक भी जीता था, लेकिन उसके अंदर गोल्ड मेडल ना जीत पाने का मलाल था, जिसे अब उसने पूरा कर दिखाया.

2016 में मेडल जीतकर रोशन किया था देश का नाम
साक्षी मलिक पहली बार उस वक्त चर्चा में आई जब 2016 के रियो ओलंपिक में देश की झोली खाली थी, लेकिन उस वक्त साक्षी ने कांस्य पदक जीतकर रियो में तिरंगा फहराया. उसकी इस उपलब्धि के बाद देश भर से बड़े-बड़े सेलिब्रिटी साक्षी मलिक से मिलने आए थे और उसे आमंत्रित भी किया था.

शादी के बाद के बाद आसान नहीं था कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतना
2017 में पहलवान सत्यव्रत कादयान के साथ साक्षी मलिक की शादी हुई. उसके बाद भी उसने कुश्ती से मुंह नहीं मोड़ा और लगातार अपनी प्रैक्टिस करती रहीं. हालांकि उसे 2018 में कॉमनवेल्थ में मेडल मिला था और उसके बाद एक बड़ी उपलब्धि 4 साल बाद यानी 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर साक्षी ने हासिल की है.

जीत की खुशी से गदगद है परिवार
अपनी बेटी की इस उपलब्धि से उसके साक्षी के माता-पिता बेहद खुश हैं. साक्षी के पति और ससुर भी पहलवान हैं. दोनों परिवार उसके स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं. दोनों के गांव में जश्न जैसा माहौल है.

Tags: Haryana news, Rohtak News, Sakshi Malik, Sports news

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