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कोरोना के खौफ से गिरा मुर्गे का रेट, हरियाणा में बिक रहा 20 रुपये किलो
Sirsa News in Hindi

Nakul Jasuja | News18 Haryana
Updated: March 18, 2020, 4:47 PM IST
कोरोना के खौफ से गिरा मुर्गे का रेट, हरियाणा में बिक रहा 20 रुपये किलो
वहीं पोल्ट्री फार्म संघ के कृष्‍ण कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के चलते मुर्गी उत्पादकों को हर दिन करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है. (सांकेतिक फोटो)

मोहन लाल ने बताया की पोल्ट्री फार्मिंग के काम करने वाली लेबर को भी आने वाले दिनों में समस्या (Problem) हो सकती है. मोहन लाल कहते है की मैं लोगों से कहता हूं की इससे कोई नुकसान नहीं होने वाला मुर्गा खाने से कोरोना वायरस (Corona Virus) नहीं आता है

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सिरसा. पिछले दो दशक से मुर्गी पालन का काम कर अपना गुजर-बसर कर मोहन लाल का जीवनयापन इसी से चलता है. घर खर्च से लेकर बच्चों के स्कूल का खर्चा इस कारोबार से ही वहन होता है. 20 बरस तक जिस कारोबार से अपना जीवनयापन किया हो आज उसी कारोबार ने उसे बर्बादी के कागार पर खड़ा कर दिया है. वजह है कोरोना वायरस (Corona Virus). कोरोना वायरस के बाद अकेले हरियाणा (Haryana) में मुर्गी कारोबार को करोड़ो रुपए का फटका लगा है. मुर्गों की बिकवाली में 8 गुणा जबकि दाम में 5 गुणा तक की गिरावट दर्ज की गई है. इस समय हरियाणा में करीब 10 हजार मुर्गी फार्म हैं, जिनमें सालाना 10 करोड़ से अधिक मुर्गी पालन का कारोबार होता है.

दरअसल कोरोना वायरस के साइड इफैक्ट्स  चिकन इंडस्ट्री पर पड़े हैं. पंजाब व हरियाण जैसे राज्यों में काफी मात्रा में नॉन वेज खाया जाता है, जिनमें चिकन मुख्य रूप से शामिल है. पशुधन विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में करीब 10 हजार मुर्गी फार्म है. हर साल करोड़ों की संख्या में मुर्गी पालन का धंधा होता है. कोरोना का असर मीट इंडस्ट्री पर साफ नजर आया है. इसके चलते 80 रुपए (थोक) किलोग्राम बिकने वाले बॉयलर (मुर्गें) के रेट 20 रुपए प्रति किलोग्राम हो गए हैं.

कोरोना वायरस के चलते नुकसान



पोल्ट्री फार्म के मालिक मोहन लाल का कहना है कि करोना वायरस के डर के चलते उन्हें 17 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है. पहले बायलर से 85 रुपये के करीब बिक रहा था, लेकिन अब 20 से 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. छोटे दुकानदारों का कहना है की मार्किट में डिमांड नहीं है इसलिए पुराण माल अभी तक पड़ा है. माल ख़राब न हो इसके चलते सस्ते भाव में बेचना पड़ रहा है. पिछले करीब एक महीने से हमें नुकसान झेलना पड़ रहा है.अगर ऐसा ही हाल रहा तो पोल्ट्री फार्मिंग खत्म हो जाएगी.



पोल्ट्री मालिकों ने की लोगों से अपील

मोहन लाल ने बताया की पोल्ट्री फार्मिंग के काम करने वाली लेबर को भी आने वाले दिनों में समस्या हो सकती है. मोहन लाल कहते है की मैं लोगों से कहता हूं की इससे कोई नुकसान नहीं होने वाला मुर्गा खाने से कोरोना वायरस नहीं आता है. पोल्ट्री हाउस में काम करने वाले मजदूरों का कहना है की हम रोज़ाना इन्ही मुर्गो के बीच में रहते है हमें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ तो आम लोगों को क्या होगा. उनका कहना है की इसी काम से वो अपने परिवार का पालन पोषण करते है.अगर ऐसा काम रहा तो हम बेरोजगार हो जायेंगे.

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First published: March 18, 2020, 4:47 PM IST
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