सिरसा: घग्गर नदी उफान पर, तटबंधो को मजबूत करने में जुटे ग्रामीण

प्रसाशनिक अधिकारियो का कहना है की सरकारी बांध सुरक्षित है. घग्गर नदी के बीच की ज़मीन जलमग्न हुई है. प्रसाशन की नज़र हर हालत पर है.

Nakul Jasuja | News18 Haryana
Updated: July 20, 2019, 6:30 PM IST
Nakul Jasuja
Nakul Jasuja | News18 Haryana
Updated: July 20, 2019, 6:30 PM IST
सिरसा से गुजरने वाली घग्गर नदी उफान पर चल रही है. घग्गर नदी के उफान के चलते गांव नेजाडेला खुर्द, साहरणी गांव के पास लगती ज़मीन जो की घग्गर नदी के साथ है उसका पुल टूट जाने से फसल जलमगन हो गई. फसल जलमग्न होने से करीब 500 एकड़ फसल चपेट में आ गई. फ़िलहाल सरकारी पुल सुरक्षित है.

सरकारी पुल को कोई नुक़सान न पहुंचे इसके लिए ग्रामीण तटबंदो को मजबूत करने में जुट गए हैं. प्रसाशनिक अधिकारियो का कहना है की सरकारी बांध सुरक्षित है. घग्गर नदी के बीच की ज़मीन जलमग्न हुई है. प्रसाशन की नज़र हर हालत पर है.

इन गांव में रहता है खतरा

बता दें कि जिले में से गुजरने वाली घग्गर नदी की लंबाई करीब 90 किलोमीटर है. इसकी शुरुआत जिले के गांव मुसाहिबवाला से होती है और राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के साइफन तक इसकी देखरेख सिंचाई विभाग सिरसा के अधीन ही है. बीच में ओटू हेड भी आता है जिसके बाद घग्गर डाउनस्ट्रीम बेल्ट शुरू हो जाती है जिसकी चौड़ाई भी कम होकर 17 फीट रह जाती है.

इस बेल्ट पर स्थित करीब एक दर्जन गांवों को हर साल घग्गर की बाढ़ का खतरा मंडराता ही रहता है. खासतौर से गांव ओटू, धनूर, अबूतगढ़, फिरोजाबाद, ढाणी प्रताप सिंह, थेहड़ समुंदर सिंह, थेहड़ मोहर सिंह, नगराना, बणी को ज्यादा खतरा रहता है.

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First published: July 19, 2019, 4:01 PM IST
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