ज़मीन के नीचे सूख रहा है पानी, सिरसा में स्थिति चिंताजनक

सिरसा में गिरते भूजल स्तर से स्थिति चिंताजनक है

सिरसा में गिरते भूजल स्तर से स्थिति चिंताजनक है

सिरसा के रानियां और ऐलनाबाद ब्लॉक डार्क जोन हैं और यहां टयूबवेल लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है.

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ज़मीन के नीचे पानी का गिरता स्तर हरियाणा के लिए गंभीर परिणाम सामने ला सकता है. बात करें सिरसा की तो यहां के सात में से दो ब्लॉक्स- रानियां और ऐलनाबाद को भी डार्कजोन घोषित किया गया है. इन इलाकों में पिछले करीब 15 सालों के दौरान भू-जल स्तर गिरने की रफ्तार बढ़ी है और ये सब वहां देखने को मिल रहा है जहां करीब 60 हजार से ज्यादा ट्यूबवेल दिन-रात पानी उगल रहे हैं.



अधिक पानी वाली फसलों की सिंचाई के लिए किसानों द्वारा किए जा रहे अंधाधुंध भू-जल दोहन के कारण भूजल स्तर निरंतर गिरता जा रहा है. सिरसा जिला के हलकों में भूजल स्तर तेजी से गिरना चिंता का विषय बना हुआ है. सिरसा ज़िले में ज़मीन के नीचे पानी का स्तर बीते डेढ़ दशक के दौरान लगभग 25 मीटर गिरा है.



रानिया और ऐलनाबाद ब्लॉक डार्क जोन में





सिरसा के रानियां और ऐलनाबाद ब्लॉक डार्क जोन हैं और यहां टयूबवेल लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है. सिरसा जिले का रानियां पिछले साल डार्क जोन में जा चुका है. इसके अलावा ओढ़ा और चोपटा की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है.




किसानों की है ये मांग



किसानों का कहना है कि इलाके को डार्क ज़ोन से उबारने के लिए सराकर ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. उनके मुताबिक सरकार या प्रशासन की तरफ़ से कोई व्यक्ति नहीं आया जो उन्हें बता सके कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए. किसान मांग कर रहे है कि नहरों में पानी के रोटेशन बढ़ानी चाहिए.



तो क्या बूंद बूंद पानी को तरसेगा सिरसा



उधर, दूसरी तरफ प्रशाशनिक अधिकारियों का कहना है कि वो इन इलाकों में कैम्पस लगाते आ रहे हैं और किसानों को बताते आए हैं कि धान जैसी फसलों को ना लगाकर कम पानी वाली फसलों की ओर रुख करें. एक अनुमान के मुताबिक सिरसा ज़िले में दिन रात 60 हज़ार से ज्यादा ट्यूबवेल पानी उगलते रहते हैं. अगर इसी प्रकार भूजल का दोहन होता रहा तो वो दिन दूर नहीं पूरे का पूरा सिरसा ज़िला डार्क जोन में आ जाएगा और बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा.



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