सिरसा लोकसभा नतीजे: सुनीता दुग्गल ने खिलाया कमल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को हराया

सिरसा लोकसभा नतीजे (Sirsa Election Result): सनीता दुग्गल (Sunita Duggal): सुनीता दुग्गल के अलावा राज्यमंत्री कृष्ण बेदी और पूर्व आईजी वी. कामराजा का नाम भी चल रहा था. लेकिन सिरसा सीट से सुनीता दुग्गल का नाम ही फाइनल हो गया था.

News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 10:47 AM IST
सिरसा लोकसभा नतीजे: सुनीता दुग्गल ने खिलाया कमल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को हराया
सिरसा सीट पर कमल खिलाएंगी सनीता दुग्गल?
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Updated: May 24, 2019, 10:47 AM IST
बीजेपी हाईकमान ने पूर्व आयकर अधिकारी एवं अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरमैन सुनीता दुग्गल को इस बार सिरसा सीट से बीजेपी की टिकट पर जीत गई हैं. उन्हें कुल 714351 वोट मिले हैं. उनके खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर 404433 वोट ही जुटा सके. इस सीट पर टिकट के लिए दुग्गल के अलावा राज्यमंत्री कृष्ण बेदी और पूर्व आईजी वी. कामराजा का नाम भी चल रहा था. लेकिन सिरसा सीट से सुनीता दुग्गल का नाम ही फाइनल हो गया था. इस सीट के लिए सुनीता दुग्गल पिछले पांच सालों से लगातार मेहनत कर रही थी. 2014 में उनकी बदकिस्मती के चलते उन्हें मिली-मिलाई टिकट हजकां के खाते में चली गई थी.

आयकर अधिकारी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आई


बीजेपी में शामिल होने से पहले सुनीता दुग्गल आयकर अधिकारी थीं और पूरे प्रदेश में कई जिलों में सेवाएं दे चुकी हैं. साल 2014 के चुनावों से ऐन पहले सिरसा सीट के लिए उनका नाम उछलना शुरू हो गया था. इन अफवाहों को उस समय और बल मिला जब सुनीता दुग्गल ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर बीजेपी में औपचारिक इंट्री ले ली. इस सीट से सुनीता दुग्गल 2014 में भी बीजेपी टिकट के लिए प्रमुख दावेदार थीं. लेकिन ऐन मौके पर ये सीट गठबंधन की साथी हजकां के खाते में चली गई.

चार सौ वोट से हारीं थी रतिया विधानसभा सीट

लोकसभा चुनावों में बीजेपी की बंपर जीत के बाद प्रदेश में भी बीजेपी की लहर चल पड़ी. लेकिन विधानसभा चुनावों के लिए पोलिंग से महज 15 दिन पहले सुनीता दुग्गल को रतिया विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने टिकट थमा दी. रतिया को इनेलो का गढ़ माना जाता है. लेकिन इसके बावजूद सुनीता दुग्गल ने यहां आकर धुआंधार प्रचार शुरू कर दिया. दुग्गल ने महज 15 दिनों के चुनाव प्रचार में ही 50 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे. इस सीट पर इससे पहले बीजेपी कभी इतने वोटों के आसपास भी नहीं फटकी थी. ये चुनाव सुनीता दुग्गल महज 4 सौ वोट से हारीं और इनेलो के प्रो. रविंद्र बलियाला यहां से विधायक बने.

नौकरशाहों से भरा सुनीता दुग्गल का परिवार
सिरसा सीट से बीजेपी उम्मीदवार सुनीता दुग्गल का परिवार नौकरशाहों से भरा हुआ है. वो खुद आयकर अधिकारी रही हैं तो उनके भाई सुमित कुमार एचसीएस अधिकारी हैं. इसके अलावा उनके पति राजेश दुग्गल एचपीएस अधिकारी हैं. राजेश दुग्गल बीजेपी सरकार में ही कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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