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Kisan Aandolan: कोरोना महामारी के बीच बड़ी संख्या में दिल्ली बॉर्डर की तरफ रवाना हुए किसान

किसान दिल्ली बॉर्डर पर जाते हुए

Kisan Aandolan: कोरोना संक्रमण की खबरों के बीच दिल्ली बॉर्डर की तरफ रवाना हुए किसान. गोहाना में गेहूं कटाई के बाद किसानों की टोली दिल्ली के लिए रवाना हुई.

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    सोनीपत. तीन कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर किसान पांच महीने से ज्यादा से समय से धरने पर बैठे हुए हैं. वहीं किसानों (Farmers) द्वारा गेहूं कटाई के बाद सिंघू बॉर्डर (Singhu Border) पर गोहाना से किसानों का जाना जारी है. आज गोहाना के कथूरा से किसान पांच ट्राली गेंहू व अन्य सामान लेकर रवाना हुए. किसान सरकार से तीनों कृषि कानून वापस करने के मांग कर रहे है. किसानों का कहना है जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा.

    भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि अकेले गांव कथूरा से किसान धरने के लिए करीब एक हजार मन (400 किवंटल) गेंहू इक्कट्ठा किया गया. गोहाना के प्रत्येक गांव से किसान धरने के राशन के लिए गेंहू इक्कट्ठा किया जा रहा है. आज गांव कथूरा से पांच ट्रेक्टर गेंहू सिंघु बॉर्डर पर किसान धरने के लिए किसान ले कर जा रहे है. 500 मन  (200 किवंटल) गेंहू है, जबकि 500 मन(200 किवंटल) बेच कर अन्य रसोई का सामान खरीद कर किसान धरने पर भेजा जा रहा है. किसानों को धरने पर खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी.

    किसान मजबूरी में धरने पर बैठे

    किसानों की मांग तीनों कृषि कानूनों को वापस करे और एमएसपी पर कानून बनाये. कोरोना के नाम पर सरकार भय का मौहोल पैदा कर रही है. बंगाल में चुनाव थे तब कोरोना नहीं था क्या. जहां पर चाहते है वहां कोरोना दिखा रहे है. कोरोना से किसान धरने पर किसी भी किसान की मौत नहीं हुई है. वहीं अन्य किसानों ने भी कहा कि सरकार कहती थी किसान के गेंहू की पैमेंट 24 घण्टे में आ जायेगी. मगर एक महीना हो गया है किसानों के खाते में कोई पैसा नहीं आया है. किसान मजबूरी में धरने पर बैठे हुए है.