बदहाल शिक्षा व्यवस्था : यहां ऐसे स्कूल बंक करते हैं बच्चे, प्रशासन बेख़बर

बच्चों का कहना है कि जब टीचर पीटते हैं तो उनसे बचने के लिए इस खिड़की से बाहर निकल कर भाग जाते हैं. शिक्षक के जाने के बाद वे वापस कमरे में आ जाते हैं.

Sunil Jindal | News18 Haryana
Updated: May 22, 2019, 12:43 PM IST
Sunil Jindal
Sunil Jindal | News18 Haryana
Updated: May 22, 2019, 12:43 PM IST
माता-पिता अपने बच्चों के स्कूल भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर कामयाब हो सकें. स्कूल पहुंचने के बाद शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दें. लेकिन हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षक आते तो हैं, मगर उनके पास बच्चों को पढ़ाने का वक्त नहीं होता. हरियाणा में गोहाना के खानपुर गांव के सरकारी स्कूल का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां बच्चें अपनी जान को जोखिम में डाल कर लोहे की टूटी खिड़की कब बाहर निकल जाते हैं, शिक्षकों को पता ही नहीं चलता.

बच्चों का कहना है कि जब टीचर पीटते हैं तो उनसे बचने के लिए इस खिड़की से बाहर निकल कर भाग जाते हैं. शिक्षक के जाने के बाद वे वापस कमरे में आ जाते हैं. स्कूल के ठीक बाहर से सड़क गुरजरती है. ऐसे में बच्चे कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं. लेकिन स्कूल प्रशासन मामले से बेखबर है.



मामले में जब स्कूल के प्रिंसिपल से बाद की गई तो उन्होंने बताया की उनकी जानकारी में कमरे की खिड़की टूटे होने का मामला है. लेकिन बच्चों के वहां से आने-जाने की जानकारी नहीं है. इस बारे में स्कूल के शिक्षकों के इलावा पीटीआई से जानकारी ली जाएगी. अगर ऐसा कुछ है, तो खिड़की को तुरंत ठीक कराया जाएगा.

वही इस बारे में जब गोहाना खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उनको मामले की जानकारी नहीं है. अगर कुछ ऐसा है तो प्रिसिपल से बात कर जल्द ही खिड़की ठीक करवा दी जाएगी. बता दें कि हरियाणा में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं.

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