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सोनीपत: झूठी शान के लिए हत्या करने के दोषी को फांसी की सजा, पूरे परिवार को मारी थी गोलियां

सोनीपत: झूठी शान के लिए हत्या करने के दोषी को फांसी की सजा, पूरे परिवार को मारी थी गोलियां

कोर्ट ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा

कोर्ट ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा

Honor Killing in Sonipat: दोषी ने युवती के भाई के साथ मिलकर उसके पति, सास-ससुर की हत्या करने के साथ ही युवती व उसके देवर को भी गोली मार दी थी. न्यायालय ने लड़की के भाई व उसके दोस्त को दोषी करार दिया था.

सोनीपत. हरियाणा के सोनीपत जिले में झूठी शान के लिए सामूहिक हत्या (Murderr) करने के एक दोषी काे एडीशनल सेशन जज राजेंद्र पाल गोयल ने फांसी की सजा (Sentence to death) सुनाई है. वहीं लड़की के भाई को दोषी करार दे दिया है. उसको भगौड़ा हो जाने के कारण सजा नहीं सुनाई जा सकी. न्यायाधीश ने इस मामले को दुर्लभतम करार देते हुए कड़ी टिप्पणी की है. वहीं समाज में जातिगत वैमस्य बढ़ाने वाली बताया है.

फांसी की सजा पाने वाले हरीश को जेल भेज दिया गया है. वहीं फरार दोषी सतेंद्र उर्फ मोनू को सजा उसकी गिरफ्तारी के बाद सुनाई जाएगी. इस हत्याकांड में घटना की रात घर पर मौजूद सभी पांच लोगों को गोली मारी गईं थी. इनमें से तीन की मौत हो गई थी और दो बच गए थे.

बता दें कि सूरज धानक ने पुलिस को बताया था कि वह खरखौदा का रहने वाला है. उसके बड़े भाई प्रदीप ने झज्जर के बिरधाना की रहने वाली सुशीला से तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था. वह 18 नवंबर 2016 की रात को परिवार के साथ घर पर सोए हुए थे. रात में करीब दस बजे कार में सवार होकर दो युवक घर पर आए. उन्होंने घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. गोली लगने से उसके भाई प्रदीप व मां सुशीला की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं गोली लगने से सूरज, उसका पिता सुरेश और आरोपितों की बहन सुशीला गंभीर रूप से घायल हो गए थे. अस्पताल में उपचार के दौरान सुरेश ने भी दम तोड़ दिया था.

वहीं सुशीला गर्भवती थी. गोली लगने से घायल होने पर उसको पीजीआइ में भर्ती कराया गया था. वहीं पर रात को उसने बेटे को जन्म दिया था. सुशीला स्वर्ण जाति से थी, जबकि उसने धानक जाति के प्रदीप से प्रेम विवाह किया था. स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से सुशीला को उसकी बड़ी बहन व रिश्तेदार अपने साथ ले गए थे. प्रदीप के परिवार में उसका भाई सूरज और एक बहन ही बची थी.

5 सदस्यों को मारी थी गोली

पुलिस जांच में सामने आया कि सुशीला के प्रेम विवाह करने से उसके स्वजन व जाति के लोग नाराज थे. वह दो साल तक सुशीला और उसके प्रेमी प्रदीप की जान के पीछे पड़े रहे. उसके बाद आरोपितों ने सामाजिक लोगों को बीच में डालकर समझौता कराने का ड्रामा किया. उसके बाद से वह प्रदीप के घर पर आने-जाने लगे. इसी दौरान मौका पाकर पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची और सभी को गोलियां मार दी.

फांसी की सजा सुनाई

घटना के आरोपित सतेंद्र उर्फ मोनू सुशीला का भाई व हरीश उसका दोस्त हैं. इनको सुनवाई के दौरान सजा मिलने का अंदेशा हो गया था. अदालत इनको जुलाई में सजा सुनाने वाली थी. सजा सुनाई जाने वाली तारीख को ही लड़की का भाई सतेंद्र उर्फ मोनू भगौड़ा हो गया था. वह जमानत पर था, उसके बाद से वह पकड़ में नहीं आ सका है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. न्यायालय ने सोमवार को आरोपित सतेंद्र उर्फ मोनू और हरीश को दोषी करार दे दिया था. मंगलवार को दोषी हरीश को हत्या करने, जानलेवा हमला करने और एससी-एसटी एक्ट में फांसी की सजा सुनाई गई.

Tags: Honor killing, Honour killing

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