कल KMP-KGP हाइवे पर 24 घंटे का जाम, किसाना नेताओं ने की घोषणा

सोनीपत सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 24 घंटे का जाम लगाने की घोषणा की है. फाइल फोटो 

सोनीपत सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 24 घंटे का जाम लगाने की घोषणा की है. फाइल फोटो 

सोनीपत सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 24 घंटे का जाम लगाने की घोषणा की है. किसान नेताओं के मुताबिक शनिवार को सुबह 8 बजे से लेकर परसों रविवार सुबह 8 बजे तक केजीपी और केएमपी जाम रहेगा. बीजेपी और जेजेपी के नेताओं का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध होगा.

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सोनीपत. हरियाणा ( Haryana) के सोनीपत (Sonipat) सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (sanyukta Kisan Morcha) ने 24 घंटे का जाम लगाने की घोषणा की है. किसान नेताओं के मुताबिक शनिवार को सुबह 8 बजे से लेकर परसों रविवार सुबह 8 बजे तक केजीपी और केएमपी जाम रहेगा. बीजेपी और जेजेपी के नेताओं का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध होगा. इस दौरान युवाओं से की शांति बनाकर प्रदर्शन करने अपील की गई है.14 अप्रैल को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन स्थलों पर अंबेडकर जयंती भी मनाई जाएगी. लक्खा सिधाना के सिंघु बॉर्डर पर पहुंचने पर स्वागत होगा.

किसान नेताओं ने कहा कि 10 अप्रैल को सरकार को चेतावनी स्वरूप सुबह 8 बजे से 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक केएमपी-केजीपी हाइवे को जाम किया जाएगा. 13 अप्रैल को दिल्ली के बॉडर्स पर खालसा पंथ का स्थापना दिवस मनाया जाएगा. साथ ही जलियावाला बाग हत्याकांड की बरसी पर शहीदों के सम्मान में कार्यक्रम होंगे.14 अप्रैल को 'संविधान बचाओ दिवस' और 'किसान बहुजन एकता दिवस' मनाया जाएगा. इस दिन  सयुंक्त किसान मोर्चे की सभी स्टेज बहुजन समाज के आन्दोलनकारी चलाएंगे एवं सभी वक्ता भी बहुजन होंगे.

पत्रकारों से चर्चा के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि नफरत एवं बंटवारे की भावना से भाजपा के नेता किसानों व मजदूरों को आपस में दुश्मन के तौर पर पेश करते हुए हरियाणा में विभिन्न कार्यक्रम कर सकते हैं. सभी दलित-बहुजन व किसानों को शांतिपूर्ण ढंग से इन ताकतों का विरोध करना चाहिए. इस दिन कैथल में हरियाणा के किसान विरोधी उपमुख्यमंत्री ने जानबूझकर एक कार्यक्रम रखा है. उन्होंने किसानों व दलित-बहुजनों से अपील की है कि शांतमयी रहते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम को रद्द करवाएं. इस आंदोलन में लोकल लोगों की भागीदारी व उनके समर्पण का सम्मान करते हुए 18 अप्रैल को सभी मोर्चों पर आसपास के लोगों का सम्मान किया जाएगा. उस दिन मंच संचालन की जिम्मेदारी भी लोकल लोगों को दी जाएगी.

20 अप्रैल को धन्ना भगत की जयंती पर उनके गांव धोआ कलां से दिल्ली की सीमाओं पर मिट्टी लाई जाएगी. उनकी याद में टिकरी बॉर्डर मोर्चे पर कार्यक्रम होंगे.24 अप्रैल को इस मोर्चे के 150 दिन होने पर एक हफ्ते के विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें किसानों मजदूरों के साथ- साथ कर्मचारी, विद्यार्थी, नौजवान, कारोबारी व अन्य संगठनों को दिल्ली मोर्चा में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा. किसान नेताओ ने कहा कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में देशभर में किसान आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठनों की कन्वेंशन की जाएगी. इसमें इस आंदोलन को देशव्यापी तेज करने की योजना बनाई जाएगी. संसद मार्च की निर्धारित तारीख का मोर्चे की अगली बैठक में सोच विचार कर ऐलान कर दिया जाएगा.
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