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Farmer Protest: सिंघु बॉर्डर के 'शूटर' का सच आया सामने, हरियाणा पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

सिंधु बॉर्डर कथिक शूटर पर पुलिस का बड़ा खुलासा.  (File)
सिंधु बॉर्डर कथिक शूटर पर पुलिस का बड़ा खुलासा. (File)

Sonipat News: पुलिस का कहना है कि सिंघु बॉर्डर (Sindhu Border) पर पकड़ा गया युवक सोनीपत का रहने वाला है और बेरोजगार है. उसे सारे बयान दबाव में आकर दिए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 4:19 PM IST
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सोनीपत. कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एक सनसनीखेज मामला सामने आया. सिंघु बॉर्डर (Sindhu Border) पर किसानों ने दावा किया था कि पकड़ गया शख्स एक शूटर है. अब सोनीपत पुलिस ने इस मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि पकड़ा गया युवक सोनीपत का रहने वाला है और बेरोजगार है. पूछताछ करने पर यह सामने आया कि ईव-टीजिंग के आरोपों को लेकर किसान स्वयंसेवकों के साथ उनकी नोंकझोक हुई थी. उसे एक कैंप में ले जाया गया जहां उसकी पिटाई की गई. युवक का दावा है कि उसे सारे बयान दबाव में दिए हैं.

सोनीपत एसपी जशनदीप एस रंधावा का कहना है कि किसान नेताओं ने आरोप लगाया था कि नकाबपोश को राय पुलिस स्टेशन के एक इंस्पेक्टर प्रदीप को सौंप दिया गया था. हमारी प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि प्रदीप नाम का कोई इंस्पेक्टर जिले में या राय थाने में नहीं है. एसपी का कहना है कि कल मीडिया के सामने आया कथिक शूटर न तो हिरासत में है और न ही उसे गिरफ्तार किया गया है. सिर्फ आरोपी से पूछताछ की जा रही है.





कथित शूटर ने किया था बड़ा दावा
सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार रात किसानों ने एक संदिग्ध शूटर को पकड़ा गया था. मीडिया से बात करते हुए उस कथित शूटर ने दिल्ली पुलिस  पर गंभीर आरोप लगाए थे. उसका कहना था कि 26 जनवरी को कुछ गलत होने पर मंच पर बैठे चार किसान नेताओं को गोली मारने के उसे आदेश दिए गए थे. पकड़े गए शूटर ने दावा किया था कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली में वह गोली चलाकर माहौल खराब करने की साजिश रचने वाला था. किसानों ने जिस संदिग्ध को पकड़ा है उसने बताया था कि 23 से 26 जनवरी के बीच किसान नेताओं को गोली मारी जानी थी और महिलाओं का काम लोगों को भड़काना था. शूटर ने कबूल किया था कि उसने जाट आंदोलन में भी माहौल बिगाड़ने का काम किया है.

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संदिग्ध ने खुलासा किया था कि प्रदर्शनकारी किसान हथियार लेकर जा रहे हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं. शूटर की ओर से बताया गया था कि 26 तारीख को जब चार किसान नेता मंच पर बैठे होते उसी वक्त गोली मारने के आदेश उसे दिए गए थे. इसके लिए शूटर को चार लोगों की तस्वीर भी दी गई थी. शूटर ने बताया था कि वह 19 जनवरी से सिंघु बॉर्डर पर है. जब 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली निकालते तो वह किसानों के साथ ही मिल जाता. अगर प्रदर्शनकारी परेड के साथ निकलते तो हमें उनपर फायर करने के लिए कहा गया था.
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