Farmers Agitation : मोगा से आए किसानों ने उठाई स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग

मोगा ट्राली पर ये दो बैलों, किसान और स्वानीनाथन की प्रतिमा लेकर आए हैं किसान.

मोगा ट्राली पर ये दो बैलों, किसान और स्वानीनाथन की प्रतिमा लेकर आए हैं किसान.

पंजाब से आए किसानों का कहना है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कर किसानों का फायदा किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं कीं और ये तीन काले कानून हम पर थोप दिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 1, 2021, 5:56 PM IST
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सोनीपत. पंजाब से एक ट्राली में दो बैल, एक किसान और स्वामीनाथन की प्रतिमा लेकर पहुंचे किसानों ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग (Swaminathan Commission) की सिफारिशें लागू करनी थी, लेकिन तीन काले कानून हम पर थोप दिए.

केंद्र सरकार (Central government) के नए कृषि कानून (new agricultural law) को वापस लेने की मांग के साथ सिंघु बॉर्डर (Singhu border) पर किसान लगातार डटे हुए हैं. कड़ाके की ठंड हो या फिर कुछ और लेकिन किसान अपनी मांग पर टिके हुए हैं. इस बीच किसान आंदोलन में स्वामीनाथन आयोग को लागू किए जाने की मांग उठी है. पंजाब से आए किसान दो बैल, एक किसान और इन्हें बढ़ावा दे रहे स्वामीनाथन की प्रतिमा लेकर पहुंचे हैं. पंजाब से आए किसानों का कहना है कि स्वामीनाथन आयोग लागू कर किसानों का फायदा किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की गईं और ये तीन काले कानून हम पर थोप दिए. किसानों का कहना है कि जब तक ये तीनों कानून वापस नहीं होंगे तब तक वे डटे रहेंगे.

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पंजाब के मोगा से ट्राली में किसान, दो बैल और डॉक्टर स्वामीनाथन की प्रतिमा लेकर किसान इस आंदोलन में पहुंचे हैं. इनका कहना है कि अगर किसानों का सच में फायदा सरकार को करना था तो स्वामीनाथन आयोग को लागू करना था. क्योंकि डॉक्टर स्वामीनाथन ने जो मेहनत किसानों के लिए की थी और जो अपनी रिपोर्ट बनाई थी, उससे किसानों का फायदा किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने किसानों का फायदा नहीं किया है और उसने स्वामीनाथन आयोग लागू करने की जगह ये काले कानून हम पर थोप दिए हैं. केंद्र सरकार जब तक यह काला कानून वापस नहीं लेती, हम अपने घर नहीं लौटेंगे.
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