होम /न्यूज /हरियाणा /

CWG 2022: भारतीय हॉकी टीम ने जीता सिल्वर मेडल, अभिषेक नैन के परिवार में जश्न, जानें सफलता की कहानी

CWG 2022: भारतीय हॉकी टीम ने जीता सिल्वर मेडल, अभिषेक नैन के परिवार में जश्न, जानें सफलता की कहानी

हॉकी टीम की जीत में सोनीपत के रहने वाले अभिषेक का अहम रोल रहा है और सिल्वर मेडल जीतने के बाद उसके परिवार को जश्न मनाने का मौका मिला है.

हॉकी टीम की जीत में सोनीपत के रहने वाले अभिषेक का अहम रोल रहा है और सिल्वर मेडल जीतने के बाद उसके परिवार को जश्न मनाने का मौका मिला है.

Commonwealth Games 2022: इंग्लैंड में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार गई, जिसके चलते उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. सिल्वर मेडल जीतने टीम को बधाइयां मिल रही हैं. इस जीत में सोनीपत के अभिषेक नैन का अहम रोल रहा है. उसके परिवार में जश्न का माहौल है.

अधिक पढ़ें ...

हाइलाइट्स

9 साल की उम्र से कर रहा मेहनत, पेड़ से गिरा फिर भी नहीं हारी हिम्मत
परिवार को उम्मीद, कहा- ओलंपिक में मेडल लेकर आएगा अभिषेक नैन

सोनीपत. इंग्लैंड में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार गई, जिसके चलते उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. हालांकि सिल्वर मेडल जीतने के बाद टीम को चारों तरफ से बधाइयों का तांता लगा हुआ है, क्योंकि भारतीय टीम ने इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल पर पोडियम फिनिश किया है. टीम की जीत में सोनीपत के रहने वाले अभिषेक का अहम रोल रहा है और सिल्वर मेडल जीतने के बाद उसके परिवार को जश्न मनाने का मौका मिला है.

भारतीय टीम में सोनीपत का रहने वाला अभिषेक नैन बतौर  मिडफील्डर खेल रहा था और अभिषेक ने इस प्रतियोगिता में अच्छा खेल दिखाते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाया. टीम की इस उपलब्धि पर अभिषेक के परिवार में जश्न का माहौल है और परिवार अपने बेटे के बेहतरीन प्रदर्शन पर फूला नहीं समा रहा है. आपको बता दें कि अभिषेक के पिता हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड जवान हैं और माता घर का काम संभालती हैं.

9 साल की उम्र से कर रहा मेहनत, पेड़ से गिरा फिर भी नहीं हारी हिम्मत

अभिषेक की मां सूरत ने बताया कि अभिषेक जब 9 साल का था तो वह सोनीपत के स्कूल में खेलने जाता था. वहां उसे हॉकी का गेम पसंद आ गया और उसने वहां पर हॉकी स्टिक थाम ली और उसके बाद जब वह छठी क्लास में पहुंचा तो जामुन के पेड़ से गिरकर उसे गहरी चोट लग गई. परिवार को उसकी चिंता हुई तो परिवार ने उसे खेल छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना और उसकी जिद्द आज उसकी सफलता से जुड़ गई है. उसने परिवार के साथ साथ प्रदेश का नाम भी रोशन किया है.

परिवार को उम्मीद, कहा- ओलंपिक में मेडल लेकर आएगा अभिषेक नैन
उन्होंने बताया कि अभिषेक को चूरमा बहुत ज्यादा पसंद है. वह जब देश लौटेगा तो उसका बड़ी धूमधाम से स्वागत किया जाएगा. भारतीय पुरुष हॉकी टीम की इस उपलब्धि पर अभिषेक के पिता सत्यनारायण और भाई आशीष ने बताया कि अभिषेक अपने खेल को लेकर काफी गंभीर है. हमें उम्मीद है कि आने वाले ओलंपिक में वह टीम का हिस्सा होगा और देश के लिए मेडल लेकर आएगा.

Tags: Commonwealth Games, Haryana news, Indian hockey player, Sonipat news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर