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Kisan Aandolan: ट्रॉलियों में बैठ ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे किसानों के बच्चे, दोपहर बाद आंदोलन में होते हैं शामिल

पढ़ाई करते किसानों के बच्चे
पढ़ाई करते किसानों के बच्चे

Kisan Aandolan: पंजाब और हरियाणा से अपने परिवार वालों के साथ किसान आंदोलन में शरीक होने आए बच्चे ट्रैक्टर की ट्रालियों में बैठकर ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं. सबकी एक ही मांग कि सरकार जल्द सुनवाई करे, ताकि घर पर कर सकें पढ़ाई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 1:15 PM IST
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सोनीपत. सिंघु बॉर्डर से किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) की अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. इस आंदोलन में पंजाब के किसानों के बहुत से बच्चे भी साथ पहुंचे हैं. ये बच्चे सुबह ट्रॉलियों में बैठकर ऑनलाइन क्लास (Online Class) में हिस्सा लेते हैं तो दिन में आंदोलन में शामिल हो जाते हैं. दिनभर खाना बनाने से लेकर अन्य कामों में मदद कर रहे हैं. ज्यादातर बच्चों को यहां आने का स्पष्ट कारण नहीं पता. इनका कहना है कि कुछ भी हो, परिवार (Family) का साथ देना हमारा फर्ज है.

वहीं कुछ बच्चों का कहना है कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होती वो अपने परिवार वालों के साथ ही रहेंगे. बच्चों ने बतया कि वो ट्रैक्टर की  ट्रालियों में बैठकर ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं. बॉर्डर पर नेटवर्क की दिक्कत है. एक छात्र ने कहा कि धरती हमारी मां है, इसलिए आंदोलन में आए हैं, लेकिन पढ़ाई भी नहीं छोड़ सकते.

बॉर्डर पर नेट की दिक्कत
पंजाब से आए एक छात्र ने बताया कि वह पिता की जगह चाचा के साथ आया है. हर घर से एक आदमी को आना था, लेकिन मेरे पिता बीमार हैं. वह 9वीं में पढ़ता है. स्कूल अभी बंद थे, सोचा था कि यहीं ऑनलाइन क्लास लगा लूंगा, लेकिन सही से पढ़ाई नहीं हो पा रही है. बॉर्डर पर नेट की दिक्कत है, कई बार तो पूरी क्लास ही निकल जाती है.
सरकार हमारी मांगें जल्द मानें


वहीं 11वीं के एक छात्र ने बताया कि वो अपने घरवालों का खेती में हाथ बंटाता है. आगे मुझे ही खेती संभालनी है. इसलिए मर्जी से आया हूं. कोरोना के कारण पढ़ाई तो वैसे ही बंद है. ऑनलाइन क्लास वापस जाकर लगा लूंगा. अभी अपने परिवार और खेती के लिए यहां आया हूं. हमारी पढ़ाई की इतनी ही चिंता है तो सरकार हमारी मांगें जल्द मान ले, जिससे पढ़ाई कर सकें.
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