सोनीपत: जहरीली शराब कहीं बुझा गई घर का चिराग, तो कहीं छीन ले गई जिंदगी भर का उजाला

जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत
जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत

Poisonous Alcohol: नैना ततारपुर में जो फैक्ट्री पकड़ी गई, वह चौपाल के बिल्कुल पीछे थी जिसके बारे में भी गहनता से जांच हो रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 12:05 PM IST
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सोनीपत. हरियाणा के सोनीपत जिले में जहरीली शराब (Alcohol) से जहां 35 लोगों ने अपनी जान गवा दी. वहीं जो उनके बच्चे थे उनकी जिंदगी में भी अंधेरा छा गया. सोनीपत (Sonipat) के गांव गुमड़ में जहरीली शराब का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिला. जहां 10 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवां दी. वहीं 10 से 12 लोग अस्पताल (Hospital) में दाखिल थे, जिनमें से 4 लोग अंधे हो गए हैं. जिनका अब रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता की भी गुहार लगाई है. वहीं सोनीपत के उपायुक्त का कहना है कि एसआईटी अब अपना काम कर रही है और अब अवैध शराब अगर किसी गांव में बिकती है तो उस गांव के सरपंच, पटवारी  ग्राम सचिव और नंबरदार पर भी कार्रवाई होगी. वही गहनता से जांच करने के लिए राज्य सरकार के एसआईटी जांच कर रही है.

वहीं जहरीली शराब से अगर बात की जाए तो गांव गूमड़ को ही प्रभावित किया है. क्योंकि ज्यादातर इनमें से  खेती का काम करते थे या फिर मेहनत मजदूरी का काम ही करते थे. वहीं शराब पीने वाले ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ही उन्हें शराब उपलब्ध हो जाती थी और महज 30 रुपये के लालच में वह शराब खरीदते थे. ग्रामीण रणबीर का कहना है कि गांव में ही एक नाबालिग शराब सप्लाई करता था. वह शराब पीकर सोया था लेकिन अचानक चक्कर आने के बाद गिर गया और अब उसे आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है. हालांकि ग्रामीण अपनी गलती मान रहे हैं, लेकिन अब बड़ा सवाल सरकार के सामने है कि इनकी मदद सरकार और प्रशासन कैसे करेगा.

14 लोगों की मौत, कुछ लोग हुए अंधे



वहीं सोनीपत डीसी श्याम लाल पूनिया ने बताया कि शराब पीने से अभी तक रिकॉर्ड में 14 लोगों की जान गई है. वहीं 10 से 12 लोग हॉस्पिटल में दाखिल थे. वहीं इनमें से कुछ लोग अंधे हुए हैं. पूरे मामले में अवैध शराब बेची जा रही थी जो एसआईटी ने अभी तक बताया है. पूरा नेटवर्क पकड़ा जा चुका है.
गहनता से हो रही जांच

वहीं राज्य सरकार द्वारा बनाए गए एसआईटी भी जांच कर रही है. वहीं अब अगर किसी गांव में अवैध शराब बेची जाती है तो उस गांव के सरपंच, पटवारी ,नंबरदार और ग्राम सचिव पर भी कार्रवाई होगी. क्योंकि नैना ततारपुर में जो फैक्ट्री पकड़ी गई, वह चौपाल के बिल्कुल पीछे थी जिसके बारे में भी गहनता से जांच हो रही है.
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