सोनीपत: सवालों के घेरे में पढ़ी-लिखी पंचायतों की मार्कशीट, सरपंच के खिलाफ धरने पर बैठा युवक
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सोनीपत: सवालों के घेरे में पढ़ी-लिखी पंचायतों की मार्कशीट, सरपंच के खिलाफ धरने पर बैठा युवक
धरने पर बैठा युवक

मामले की जांच (Inquiry) की बात तो की जा रही है, लेकिन जांच में क्या निकला ये किसी को पता नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 1:12 PM IST
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सोनीपत. हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने ग्रामीणों के विकास के लिए पढ़ी-लिखी पंचायतों की शुरुआत की थी ताकि गांव का विकास सही ढंग से हो सके. लेकिन अब यही पंचायतें सवालों के घेरे में हैं. चुनाव के दौरान सरपंच ने चुनाव लड़ने के लिए जो मार्कशीट (Mark sheet) लगाई थी. उसी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सोनीपत के गांव बिंधरोली से ताजा मामला सामने आया है, जहां पर गांव के सरपंच के खिलाफ गांव का ही एक युवक सोनीपत के लोगों सचिवालय में धरने पर बैठ गया है.

युवक का आरोप है कि गांव के सरपंच ने चुनाव लड़ने के दौरान जो मार्कशीट लगाई थी वह फर्जी है. युवक के पास जो मार्कशीट है और जो अधिकारी उसे दिखा रहे हैं वह दोनों भी मेल नहीं खा रही है. वहीं जब मामला बीडीपीओ महोदय के पास पहुंचा तो वह भी कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए और मामले में सिर्फ जांच की बात कह कर ही चुप हो गए.

युवक ने आऱटीआई से भी ली जानकारी



गांव बिंधरोली के रहने वाला संदीप का आरोप है कि गांव की सरपंच गीता ने चुनाव लड़ने के दौरान जो मार्कशीट लगाई थी वह यूपी के एक स्कूल की है और वह फर्जी है. क्योंकि मार्कशीट में जो दिनांक दाखिले की दिखाई गई है, उस दिन रविवार था और उसके साथ ही आरटीआई से जब संदीप ने स्कूल से जवाब मांगा कि इस नाम का कोई महिलाएं यहां पर पढ़ी है तो वहां से यह कहकर कि यहां कोई इस तरह का दाखिला ही नहीं हुआ था.
अधिकारी नहीं दे पाए सटीक जवाब

वहीं युवक का कहना है कि जब वह अधिकारियों के पास जाता है तो उसे पागल कह कर वहां से वापस भेज देते है. जबकि आरटीआई का कोई जवाब भी यहां के पंचायत अधिकारी नहीं देते, जिससे परेशान होकर वह धरने पर बैठा है. इस मामले में पंचायत अधिकारी बीडीपीओ से बातचीत की गई तो वह भी कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए और उन्होंने कहा कि उनके उच्च अधिकारियों ने इस मामले में जांच कर ली है. लेकिन जांच में क्या मिला और क्या नहीं मिला इस बात का जवाब नहीं दे पाए और उन्होंने खुद कहा कि यह मामला 2014 में भी सामने आया था. लेकिन अभी तक वह यह भी नहीं साफ कर पाएगी यह मार्कशीट फर्जी है या नहीं है.
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