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Kisan Andolan में शामिल 32 किसान जत्थेबंदियों की कल सिंघु बॉर्डर पर बैठक, कर सकते हैं ये बड़ा फैसला

Kisan Andolan में शामिल 32 किसान जत्थेबंदियों की कल सिंघु बॉर्डर पर बैठक, कर सकते हैं ये बड़ा फैसला

किसान आंदोलन में शामिल रहे किसान जत्थेबंदियों की कल होने वाली बैठक में बड़ा निर्णय लिया जा सकता है.

किसान आंदोलन में शामिल रहे किसान जत्थेबंदियों की कल होने वाली बैठक में बड़ा निर्णय लिया जा सकता है.

Kisan Andolan Update: इससे पहले क‍िसानों ने 29 तारीख को संसद कूच का भी ऐलान क‍िया था. लेक‍िन अब संयुक्‍त मोर्चा की मीट‍िंग में फ‍िलहाल इसको टाल द‍िया गया है. फिलहाल सोमवार को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को टाल दिया है. मोर्चा का मानना है क‍ि आने वाले दिनों में सरकार के रुख को देखते हुए दोबारा इस मार्च को लेकर सप्‍ताहभर बाद इसका फैसला ल‍िया जाएगा. इस संबंध में सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की दोपहर 1:30 बजे से शुरू हुई किसान बैठक घंटों चली. और सर्वसम्‍मत‍ि से क‍िसान महापंचायत में ट्रैक्टर रैली नहीं निकालने पर सहमति बनी है.

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बहादुरगढ़. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) में शामिल पंजाब की 32 किसान जत्थेबंदियों (32 Kisan Jatthebandi) की बैठक कल सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर आयोजित होगी. 32 जत्थेबंदियों की इस बैठक में घर वापसी (Homecoming) की रूपरेखा तैयार हो सकती है और इसका ऐलान भी हो सकता है.

किसान आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर सिंघु बॉर्डर पर ये बैठक होने जा रही है. सोमवार को आयोजित होने जा रही इस बैठक में 32 जत्थेबंदियां भाग लेंगे. तीन कानूनों के वापसी के ऐलान के बाद अब किसानों ने MSP और बिजली का मुद्दा उठा दिया है.

संयुक्त किसान मोर्चा (Sayunt Kisan Morcha) ने सरकार को याद दिलाया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बिजली अध्यादेश संशोधन विधेयक की वापसी भी अभी बाकी है. संयुक्त बैठक से पहले हर जत्थेबंदी अपनी अलग-अलग बैठक कर रही हैं. तीनों कृषि कानूनों की वापसी के बाद अब किसानों की नजर संसद के शीतकालीन सत्र में कानून वापसी पर रहेगी.

पराली को लेकर बीकेयू डकोंदा के प्रधान बूटा सिंह ने की सरकार के फैसले की सराहना की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने सही फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि किसानों के खुले पत्र की मांगें भी सरकार मान ले, किसान खुद बॉर्डर छोड़ कर अपने घर चले जाएंगे. किसान मांगें पूरी होने पर चुनाव में बीजेपी का विरोध भी नहीं करेंगे.

29 नवंबर को दिल्ली कूच स्थगित 

इससे पहले क‍िसानों ने 29 तारीख को संसद कूच का भी ऐलान क‍िया था. लेक‍िन अब संयुक्‍त मोर्चा की मीट‍िंग में फ‍िलहाल इसको टाल द‍िया गया है. फिलहाल सोमवार को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को टाल दिया है. मोर्चा का मानना है क‍ि आने वाले दिनों में सरकार के रुख को देखते हुए दोबारा इस मार्च को लेकर सप्‍ताहभर बाद इसका फैसला ल‍िया जाएगा. इस संबंध में सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की दोपहर 1:30 बजे से शुरू हुई किसान बैठक घंटों चली. और सर्वसम्‍मत‍ि से क‍िसान महापंचायत में ट्रैक्टर रैली नहीं निकालने पर सहमति बनी है.

इन मांगों पर डटे हैं किसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐलान के बाद कैबिनेट में भी तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन किसान अभी भी दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं. किसानों की मांग है कि उन्हें MSP की गारंटी दी जाए. जिन किसानों ने आंदोलन में अपनी जान गंवाईं हैं, उन्हें मुआवजा दिया जाए. उनकी याद में स्‍मारक बनाया जाए. जिन किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए, उनको वापस लिया जाए, इन मांगों पर किसान अभी भी दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं.

Tags: Farm Laws Repealed, Farmers Delhi March, Kisan Andolan, Kisan Delhi March, Parliament March, Samyukt Kisan Morcha, Three Farm Laws

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