VIDEO: गोहाना में दूसरी बार आयोजित हुआ राहगीरी कार्यक्रम

गोहाना में आयोजित राहगीरी कार्यक्रम में एसडीएम और नगर परिषद की चेयरपर्सन ने डांस किया और खेलों में भाग लिया. इस दौरान यहां मुफ्त हेल्थ चेकअप कैम्प भी लगाया गया.

Sunil Jindal | News18 Haryana
Updated: September 10, 2018, 4:46 PM IST
Sunil Jindal
Sunil Jindal | News18 Haryana
Updated: September 10, 2018, 4:46 PM IST
हरियाणा में सोनीपत जिले के गोहाना में दूसरी बार राहगीरी कार्यक्रम का आयोजन महावीर चौक पर किया गया. दो घंटे तक चला कार्यकम फिटनेस के साथ-साथ एंटरटेनमेंट से भरपूर रहा. इसका सभी आयु वर्ग के लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया. कार्यक्रम में देसी खेलों के साथ-साथ हरियाणवी और पंजाबी गानों का तड़का देखने को मिला. कार्यक्रम में एसडीएम और नगर परिषद की चेयरपर्सन ने डांस किया और खेलों में भाग लिया. इस दौरान यहां मुफ्त हेल्थ चेकअप कैम्प भी लगाया गया.

गोहाना में दूसरी बार आयोजित हुआ राहगीरी कार्यकम देसी खेलों के नाम रहा. वैसे तो राहगीरी में सभी आयु वर्ग के लोगों के मनोरंजन के लिए हर बार विभिन्न गतिविधियां आयोजित होती हैं, लेकिन इस बार कार्यकम में सभी वर्ग के लोगों व बच्‍चों ने स्केटिंग, डांस, कंचे, पिट्ठू, रस्‍साकशी के साथ-साथ योगा, बैडमिंटन, दौड़ आदि प्रतियोगि‍ताओं में भाग लिया. डांस सेशन में भी बॉलीवुड व पंजाबी गीतों के अलावा हरियाणवी गीतों पर शहरवासियों के साथ-साथ खुद गोहाना एसडीएम आशीष वशिष्‍ठ और नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने भी डांस किया.

कार्यक्रम के आयोजक और गोहाना के एसडीएम आशीष वशिष्‍ठ ने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों में राहगीरी का प्रोग्राम भी शामिल है. आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोगों का आपसी भाईचारा खत्‍म होता जा रहा है. ऐसे कार्यकमों के माध्यम से लोगों को अपना शरीर स्‍वस्‍थ रखने के साथ-साथ आपसी भाईचारे को बढ़ाने में भी मदद मिलती है. इस कार्यकम में उम्र की कोई सीमा तय नहीं की गई है. हर वर्ग का व्यक्ति भाग लेकर इसमें अपना टेलेंट दिखा सकता है.

गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने कहा कि इस तरह के कार्यकम हर हफ्ते होते रहने चाहिए. ऐसे कार्यकम बड़े लोगों को अपने बचपन की याद दिलाते हैं. ऐसा लगता है कि कुछ समय के लिए उनका बचपन लौट आया है. उन्‍होंने कहा कि जो लोग मस्ती में जीते हैं, वही हस्ती में जीते हैं. इनके अलावा अन्‍य लोग जबरदस्ती में जीते हैं. जीवन वही है, जिसमें आनंद हो और आनंद तभी आता है, जब स्वस्थ्य रहा जाता है. इस तरह के कार्यकम लोगों को आपस में मिलाने के साथ ही तनाव को भी दूर रखते हैं.
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