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Singhu Border: हाथ कटने के बाद 45 मिनट तक तड़पता रहा था लखबीर, फिर निहंग नारायण सिंह ने पार की हैवानियत की हद

Singhu Border: हाथ कटने के बाद 45 मिनट तक तड़पता रहा था लखबीर, फिर निहंग नारायण सिंह ने पार की हैवानियत की हद

सोनीपत पुलिस ने निहंग नारायण सिंह और सरबजीत सिंह को गिरफ्तार किया है.

सोनीपत पुलिस ने निहंग नारायण सिंह और सरबजीत सिंह को गिरफ्तार किया है.

Singhu Border Murder: दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर युवक ही निर्मम हत्‍या के मामले में सोनीपत पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ दो को हिरासत में लिया है. वहीं, पुलिस की पूछताछ में शनिवार को पंजाब के अमृतसर जिले के अमरकोट गांव से गिरफ्तार किए गए निहंग नारायण सिंह ने कई बड़े राज खोले हैं.

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    नई दिल्‍ली/सोनीपत. दिल्‍ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर (Singhu Border Murder) पर पिछले 11 महीने चल रहे किसान आंदोलन के मंच के पास शुक्रवार की सुबह हाथ कटा शव मिलने के मामले में लगातार नये-नये खुलासे हो रहे हैं. वहीं, सोनीपत पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ दो लोगों को हिरासत में लिया है. इस दौरान पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किए गए निहंग नारायण सिंह ने पुलिस की पूछताछ में मर्डर की पूरी कहानी बताई है, जो कि रोंगटे खड़े कर देने वाली है.

    नारायण सिंह के मुताबिक, वह 15 अक्टूबर को सुबह 5.35 बजे दिल्ली पहुंचा था. इस दौरान उसने देखा कि लोगों के एक समूह में तीखी बहस हो रही थी, इसलिए अपनी कार रोकी. इस दौरान उसे पता चला कि सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी का मामला है. निहंग सिख ने लोगों से पूछा, क्या आरोपी अभी भी जिंदा है?

    45 मिनट तड़पता रहा था लखबीर
    वहीं, जब निहंग नारायण सिंह को पता चला कि आरोपी लखबीर सिंह जिंदा है तो उसने अपनी तलवार खींची और उसके पैर को तीन वार से काट दिया. इसके बाद अन्य लोगों ने लखबीर के शव को किसान आंदोलन के पास लगे पुलिस बैरिकेड्स पर लटका दिया. साथ ही यह भी पता चला है कि हमले के बाद पीड़ित करीब 45 मिनट तक तड़पता रहा था.

    मुझे कोई पछतावा नहीं: नारायण सिंह
    इसके साथ पुलिस की पूछताछ में नारायण सिंह ने कहा कि मुझे कोई पछतावा नहीं है, क्‍योंकि लखबीर सिंह ने सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी की थी और उसे 200-400 लोगों ने पवित्र पुस्तक की दो प्रतियां लेकर भागते देखा गया था. वहीं, इस घटना के कुछ देर बाद किसान आंदोलन का नेतृत्‍व कर रहे संयुक्‍त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि इसको निहंगों ने अंजाम दिया है और करीब 15 घंटे बाद सरबजीत सिंह नाम के निहंगे को गिरफ्तार किया गया था. सरबजीत ने युवक का एक हाथ कलाई से अलग कर दिया था. यही नहीं, सरबजीत के सरेंडर से पहले निहंगों ने उसे सम्मानित करते हुए एक वस्त्र दिया और कहा कि उसने ऐसे व्यक्ति को सजा दी जिसने कथित तौर पर पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की. निहंग सिख परंपरा के हैं और अपने नीले परिधान के लिए जाने जाते हैं और अकसर तलवार लिए होते हैं.

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा
    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया. उसका एक हाथ कलाई से काटा गया है और गर्दन पर चोट के साथ ही शरीर पर 10 से ज्यादा चोट के निशान मिले थे. वहीं, उसका एक पैर भी काटा गया, लेकिन वह शरीर से अलग नहीं हो सका. जबकि रिपोर्ट में मौत का कारण चोट और ज्यादा खून बहना था. इसके अलावा युवक को रस्सी से बांधकर लटकाया गया था. शरीर पर रगड़ने के निशान भी मिले थे.

    क्या है सरबलोह ग्रंथ ?
    वहीं, इस हत्‍या के पीछे सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी का मामला बताया जा रहा है. वैसे सरबलोह ग्रंथ का शाब्दिक रूप से अर्थ ‘सर्वव्यापी धर्मग्रंथ’ है, लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब के विपरीत सरबलोह ग्रंथ कुछ हिस्सों को छोड़कर मुख्यधारा के सिख समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है. हालांकि निहंग इसे उच्च सम्मान में रखते हैं.

    पंजाब के तरनतारण का रहने वाला था मृतक
    वहीं, सोनीपत पुलिस की जांच पड़ताल में मृतक युवक की पहचान लखबीर सिंह (35 साल) के तौर पर हुई है, जो कि दलित है. वह पंजाब के तरनतारण जिले के चीमा खुर्द का रहने वाला था. वह मजदूरी कर पेट पालता था. यही नहीं, जब लखबीर छह महीने का था तब उसे हरनाम सिंह नाम के एक व्‍यक्ति ने गोद लिया था. लखबीर के असली पिता का नाम दर्शन सिंह था. वहीं, उसकी बहन का नाम राज कौर है. वैसे शादीशुदा लखबीर की पत्‍नी जसप्रीत उसके साथ नहीं रहती थी. दोनों की तीन बेटियां हैं, इसमें से बड़ी बेटी करीब 12 साल की है.

    Tags: Delhi Singhu Border, Haryana police, Kisan Andolan, Singhu Border, Sonepat news

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