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जेबीटी टीचर भर्ती घोटाला: चौटाला और उनके बेटे को 10 साल की सजा

दिल्ली हाईकोर्ट जूनियर बेसिक शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके विधायक बेटे अजय चौटाला की 10 साल की सजा को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने इस मामले में ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला समेत 55 लोगों को सजा सुनाई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट जूनियर बेसिक शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके विधायक बेटे अजय चौटाला की 10 साल की सजा को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने इस मामले में ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला समेत 55 लोगों को सजा सुनाई थी।

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    दिल्ली हाईकोर्ट जूनियर बेसिक शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके विधायक बेटे अजय चौटाला की 10 साल की सजा को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने इस मामले में ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला समेत 55 लोगों को सजा सुनाई थी।

    न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने पिछले साल 11 जुलाई को मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    चौटाला, उनके बेटे और विद्याधर तथा बादशामी समेत आठ अन्य लोगों को साल 2000 में 3206 जूनियर शिक्षकों की अवैध तरीके से भर्ती के मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। अन्य दोषियों में से 44 को चार साल की जेल और एक को पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है।

    उल्‍लेखनीय है कि चौटाला व उनके बेटे अजय दोनों को राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में 16 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। अदालत ने प्रथम दृष्टया चौटाला तथा अन्य 53 के खिलाफ सबूत पाया था।

    सीबीआई ने छह जून, 2008 को चौटाला तथा अन्य के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया था। यह मामला वर्ष 1999 और 2000 के बीच का है, जब चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे।

    उस दौरान राज्य में 3,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। आरोप है कि चौटाला ने वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची बदलने और झूठे तथ्यों के आधार पर उसमें कुछ चहेते अभ्यर्थियों के नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था।

    बाद में संजीव कुमार सर्वोच्च न्यायालय गए और उन्होंने मूल रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची अदालत के समक्ष पेश की। अधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पैसे लेकर नाम बदले गए।

    सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले, खासकर रिश्वत लेने के मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर कहा था कि शिक्षकों की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया।

    उल्लेखनीय है कि चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के बेटे हैं और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। वह 1999 से 2005 तक मुख्यमंत्री रहे। उनके बड़े बेटे अभय सिंह चौटाला भी विधायक हैं। अभय ने कहा है कि निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।

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    Tags: Om Prakash Chautala

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