लाइव टीवी

हरियाणा विधानसभा चुनाव: BJP टिकट की लाइन में 'बेटा-बेटी' और दूसरी पार्टियों के बागी, मचा घमासान!

ओम प्रकाश
Updated: September 17, 2019, 9:41 AM IST
हरियाणा विधानसभा चुनाव: BJP टिकट की लाइन में 'बेटा-बेटी' और दूसरी पार्टियों के बागी, मचा घमासान!
जन आशीर्वाद यात्रा में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (File Photo)

Haryana Assembly Election: बेटा-बेटी को टिकट दिलाने की चाहत और दूसरी पार्टियों के बागियों ने बढ़ाई बीजेपी (bjp) की परेशानी! संगठन को यहां तक पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं को तरजीह देने की उठ रही है मांग

  • Last Updated: September 17, 2019, 9:41 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. हरियाणा भाजपा में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) का टिकट लेने के लिए घमासान मचा हुआ है. सभी बड़े नेता अपने-अपने समर्थकों और बेटों को टिकट दिलाने की लिए रस्साकशी कर रहे हैं. तो दूसरी पार्टियों में विधायक पद त्याग कर आए नेता भी बदले में टिकट लेने वालों की लाइन में खड़े हो गए हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह (Rao Inderjeet Singh) ने एलान कर दिया है कि वो दूसरी पार्टियों से बगावत करके बीजेपी में आए नेताओं को टिकट नहीं लेने देंगे. इस समय प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा (Haryana) में संघ से जुड़े नेताओं और यहां के तीनों केंद्रीय मंत्रियों के यहां टिकटार्थियों का तांता लगा हुआ है.

दरअसल, अभी तक के जो हालात हैं उसमें  बीजेपी का सियासी पलड़ा भारी दिख रहा है. यही देखकर इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के 10 वर्तमान विधायक बीजेपी (BJP) में आ चुके हैं. जबकि बसपा (BSP) का एकमात्र विधायक भी अपनी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुका है. ये सभी टिकट (Ticket) के चक्कर में जुगाड़ लगा रहे हैं. दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर सहित कई नेता अपने बेटे के लिए टिकट चाहते हैं. कृष्णपाल के बेटे के नाम के होर्डिंग लग गए हैं.

 Haryana Assembly Election, हरियाणा विधानसभा चुनाव, bjp news, बीजेपी समाचार, election news, चुनाव समाचार, inld, इनेलो, Rao Inderjeet Singh, राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, krishan pal gurjar, सुभाष बराला, Subhash Barala
दूसरी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए नेता भी चाहते हैं टिकट


इन हालात के बीच दक्षिण हरियाणा के सबसे बड़े बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. राव इंद्रजीत का कहना है कि बहुत से नेता कांग्रेस और इनेलो का सत्यानाश करके बीजेपी में आए हैं. पार्टी को ऐसे नेताओं से सचेत रहने की जरूरत है. ऐसे नेताओं को टिकट न मिले. अपनी बात रखने के लिए राव ने बाकायदा गुरुग्राम में प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी बात रख दी है. इसमें राव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद दूसरी पार्टियों से बीजेपी में आए नेताओं को टिकट देने पर विचार न किया जाए. क्योंकि वो पार्टी की हवा देखकर आए हैं. उन्होंने कहा कि बुरे वक्त में बीजेपी का साथ देने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट देनी चाहिए.

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार नवीन धमीजा का कहना है कि ज्यादातर सांसद अपने बेटा-बेटी और पत्नी के लिए टिकट चाहते हैं. राव इंद्रजीत अपनी बेटी को टिकट दिलवाना चाहते हैं तो पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह अपनी पत्नी को. पार्टी कार्यकर्ता तो दूसरी पार्टियों के बागियों और बड़े नेताओं के बेटा-बेटियों के लिए झंडा-बैनर उठाएंगे.

कुछ वर्तमान विधायकों की कट सकती है टिकट!

पार्टी सूत्रों का कहना है कि अच्छे परिणाम के लिए करीब 30 फीसदी वर्तमान विधायकों के टिकट पर कैंची चल सकती है, ताकि जनता के किसी भी तरह के विरोध का सामना न करना पड़े. नए प्रत्याशी होने से लोगों का गुस्सा काफी हद तक कम हो जाता है. पार्टी पहले भी यह फार्मूला अपना चुकी है. पूरे हरियाणा में पार्टी के लोग चाहते हैं कि बेटा-बेटी और बाहरियों की जगह संगठन को यहां तक पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाए. हालांकि, इस घमासान के बारे में कोई भी पार्टी नेता कुछ खुलकर नहीं बोल रहा.
Loading...

युवा मोर्चा ने भी मांगी टिकट

बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष यादव का कहना है कि उन्होंने पार्टी के सामने यह बात रखी है कि युवा मोर्चा के जो योग्य कार्यकर्ता हैं उन्हें टिकट दी जाए. पार्टी प्रवक्ता राजीव जेटली का कहना है कि टिकट के लिए कोई घमासान नहीं है. सबका लक्ष्य 75 से ज्यादा सीटें जीतने का है. टिकट के लिए पार्टी का एक सिस्टम है. बैठकर वरिष्ठ नेता इस बारे में फैसला लेंगे. उधर, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला (Subhash Barala) ने कहा है कि भाजपा किसी भी जल्दबाजी में टिकट की घोषणा नहीं करेगी. आचार संहिता लगने के बाद पार्टी की बैठक होगी फिर टिकटों का वितरण किया जाएगा.

 Haryana Assembly Election, हरियाणा विधानसभा चुनाव, bjp news, बीजेपी समाचार, election news, चुनाव समाचार, inld, इनेलो, Rao Inderjeet Singh, राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, krishan pal gurjar, सुभाष बराला, Subhash Barala
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का दक्षिण हरियाणा में अच्छा प्रभाव माना जाता है (File Photo)


बीजेपी की तरफ क्यों बढ़ा झुकाव?

दरअसल, इसकी वजह लोकसभा चुनाव के नतीजे हैं. यहां की दस में दस सीटें बीजेपी की झोली में हैं. अगर लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से विश्लेषण करें तो  90 में से 79 सीटों पर बीजेपी अन्य सभी पार्टियों से आगे थी. इसी आंकड़े के सामने आने के बाद अन्य पार्टियों के नेताओं को यह लगा कि उनका भविष्य शायद बीजेपी में ही सुरक्षित है.

ये भी पढ़ें:

विधानसभा चुनाव: अब इन राज्यों में शुरू होगी सत्ता की जंग, जानिए किसमें है कितना दम?

प्रधानमंत्री व्यापारी मानधन योजना: यूपी, बिहार को पीछे छोड़ नंबर वन हुआ हरियाणा!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 16, 2019, 9:38 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...