फीस जुटाने के लिए कार साफ कर रहा नेशनल मेडिलिस्ट, मां बना रही घरों में खाना

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Updated: August 19, 2019, 3:36 PM IST
फीस जुटाने के लिए कार साफ कर रहा नेशनल मेडिलिस्ट, मां बना रही घरों में खाना
संजीव ने 2018 में हुई नेशनल योग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था. इसके साथ ही उन्होंने कई स्टेट लेवल कॉम्पीटीशन में भी मेडल जीते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

खिलाड़ियों की मदद और प्रोत्साहन का दम भरने वाली हरियाणा सरकार ( Haryana Government) का इस ओर कोई ध्यान नहीं है और दाखिले के 1 लाख 20 हजार रुपये जुटाने के लिए संजीव जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं.

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'योग' (YOGA) जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM NARENDRA MODI) खुद दुनिया भर में प्रमोट कर रहे हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ हालात ये हैं कि योग में नेशनल मेडल (NATIONAL MEDAL) जीतने वाला संजीव मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (MFE) में दाखिला लेने के लिए घर-घर जाकर गाड़ियां धो रहा है. वहीं उसकी मां दूसरों के घरों में जाकर खाना बनाने को मजबूर है. खिलाड़ियों की मदद और प्रोत्साहन का दम भरने वाली हरियाणा सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. संजीव दाखिले के 1 लाख 20 हजार रुपये जुटाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. गुड़गांव के सेक्टर 4 स्थित हुडा जिमखाना में संजीव इन दिनों भी कोच पूनम बिमरा और अजीत के सानिध्य में योग प्रैक्टिस कर रहे हैं.

पिता की दवाओं का खर्च भी नहीं पड़ता पूरा
नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार संजीव ने बताया कि पहले पिता गार्ड की नौकरी करते थे तो किसी तरह से घर का गुजारा हो जाता था, लेकिन अब वह बीमार हैं और बिस्तर से नहीं उठ सकते. ऐसे में घर का खर्च चलाने के लिए मां घर-घर जाकर खाना बनाती है और मैं गाड़ियां धोता हूं. लेकिन फिर भी पिता की दवाइयों का खर्च पूरा नहीं पड़ता है.

2018 में जीता था मेडल

संजीव ने 2018 में हुई नेशनल योग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था. इसके साथ ही उन्होंने कई स्टेट लेवल कॉम्पीटीशन में भी मेडल जीते हैं. संजीव ने बताया कि वह 5 साल से योग की प्रैक्टिस कर रहे हैं और काम के साथ-साथ खेल को भी पूरा समय देते हैं. फिलहाल उनकी नजर जींद में होने वाली स्टेट प्रतियोगिता पर है.

सरकार की अनदेखी
संजीव ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकारों का ध्यान स्टेट लेवल या नेशनल लेवल के खिलाड़ियों पर उतना नहीं रहता है. खिलाड़ियों को सरकार की मदद इंटरनेशनल मेडल मिलने के बाद ही मिलती है. संजीव ने कहा कि इंटरनेशनल के स्तर तक पहुंचने के लिए जो मदद चाहिए वह नहीं मिलती.
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First published: August 19, 2019, 3:04 PM IST
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