जींद में बिना दुल्हन लिए दो बारात वापस लौटीं, नाबालिग लड़की से कराई जा रही थी शादी

जींद में महिला बाल विकास विभाग ने दो नाबालिगों की शादी रुकवा दी है.
जींद में महिला बाल विकास विभाग ने दो नाबालिगों की शादी रुकवा दी है.

जींद (Jind) में महिला बाल विकास विभाग (Women Child Development Department) की टीम और हरियाणा पुलिस (Haryana Police) ने दो नाबालिगों को दुल्हन बनने से बचा लिया. दोनों शादियों में बारातियों को बिना दुल्हन लिए वापस लौटना पड़ा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 10:14 PM IST
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जींद. जिले के खेडा खेमावती गांव से जामनी में बारात (Procession) लेकर आए लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ा. खाली हाथ घर लौटना तो ठीक दोनों पक्ष पुलिस (Police) के चक्कर में अलग फंस गये. आप सोच रहे होंगे कि दोनों पक्ष क्यों पुलिस के चक्कर में फंस गये, तो आपको बता दें कि शादी के लिए लड़के और लड़की की उम्र अभी नहीं हुई थी, लेकिन दोनों परिवार शादी कर रहे थे.

दस्तावेज जांचने पर दूल्हे की उम्र 21 साल से कम और दुल्हन की उम्र 17 वर्ष पाई गई. इसके बाद विभाग द्वारा परिजनों से लिखित में दोनों बच्चों के बालिग होने तक शादी नहीं करने का शपथ पत्र लिया गया, तब जाकर जिला महिला संरक्षण विभाग और पुलिस ने दोनों पक्षों का पीछा छोड़ा. महिला संरक्षण विभाग एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव खेडा खेमावती से दो लड़कों की बारात जामनी गांव में पहुंची है, जिसमें दूल्हा बनकर आया लड़का नाबालिग है और जिसके साथ उसकी शादी होने वाली है वह लड़की भी नाबालिग है. सूचना मिलते ही बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय से रवि लोहान, पिल्लूखेडा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो पाया कि बारात आई है और डीजे बज रहा है.

इस पर टीम ने छोटे लड़के के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो बारात में हडकंप मच गया. मौके पर लड़के पक्ष ने जो कागजात दिए तो उसमें लड़के की उम्र मात्र 18 वर्ष मिली और लड़की की उम्र 17 वर्ष मिली. इस पर टीम ने शादी न करने के लिए दोनों पक्षों को समझाया. टीम ने बताया कि लड़के की शादी 21 वर्ष और लड़की की शादी 18 वर्ष की उम्र के बाद ही करनी चाहिए, ऐसा हमारे देश में कानूनी प्रावधान है. इसके बाद विभाग ने दोनों पक्षों से लिखित में लिया कि लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद ही एक वो लोग इनकी शादी करेंगे.




इसके बाद खेडा खेमावती से आई बारात वापस लौट गई. इसी बीच दूसरी सूचना मिली कि जिले के होशियारपुरा गांव में भी एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है और बारात भी गांव में आ चुकी है. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुंरत जामनी से निकल कर विवाह स्थल पर पहुंचीं और दूल्हा व दुल्हन के परिवार वालों से दोनों के जन्म प्रमाण पत्र मांगे तो जो सर्टिफिकेट दिखाए उनमें दुल्हन नाबालिग पाई गई और उसकी उम्र 18 वर्ष से कम मिली. जबकि दुल्हे की उम्र 25 वर्ष मिली. इस पर दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी गई और तब तक शादी न करने को कहा जब तक लड़की बालिग नहीं हो जाती. इस पर दोनों परिवार सहमत हो गए और लिखित बयान दर्ज कराया. वहीं इस बारात को भी वापस लौटना पड़ा.
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