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हरियाणा: अब गांव के आइसोलेशन सेंटरों में कोरोना मरीजों की देखभाल करेंगे पशु चिकित्सक

हांसी के गांव में आइसोलेशन सेंटर में पहुंचे वेटनरी डॉक्टर.

हरियाणा (Haryana) के गांवों में कोरोना मरीजों (Corona Patients) की देखभाल वेटनरी डॉक्टर करेंगे. कोरोना से लड़ाई में मैनपावर की कमी के चलते पशुपालन एवं डेयरी विभाग इन डॉक्टरों (Doctors) की मदद ले रहा है.

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हिसार. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) हिसार जिले के गांवों में दस्तक जे चुकी है. ऐसे में कोरोना से लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) मैनपावर की कमी से जूझ रहा है. इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अब विभाग लोगों को ठीक करने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के डाॅक्टरों की सेवाएं लेने जा रहा है. गांवों में स्थापित किये जा रहे आइसोलेशन सेंटरों में वेटनरी सर्जन मरीजों की देखभाल ही नहीं उनकी काउंसलिंग भी करेंगे.

गांवों के पंचायत भवनों, चौपालों और धर्मशालाओं में कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्डों में पशु चिकित्सक तैनात होंगे. बता दें कि जिले के कई गांवों में कोरोना भयंकर तरीके से फैलता जा रहा है, जिससे प्रशासन बेहद चिंतित है. लेकिन लगातार कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ता जा रहा है.

रविवार से 500 चौ. देवीलाल संजीवनी कोविड केयर अस्पताल भी शुरू हो चुका है और स्वास्थ्य कर्मियों और डाॅक्टरों की यहां भी ड्यूटी लगाई गई है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस करने के लिए जिले का स्वास्थ्य विभाग मैनपावर की कमी से जूझ रहा है और अब पशुपालन व डेयरी विभाग के 61 वेटनरी सर्जनों की आइसोलेशन वार्डों में ड्यूटी लगाई गई है. जिला प्रशासन ने जिले के वेटनरी सर्जनों को आइसोलेशन सेंटरों में काम करने के लिए ट्रेनिंग भी दी है.

खास बात यह है कि वेटनरी सर्जनों को अपनी मूल ड्यूटी के साथ आइसोलेशन सेंटरों का काम संभालने के निर्देश हैं. ऐसे में वेटनरी सर्जनों के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी आ गई है. वहीं, पशु चिकित्सकों का कहना है कि महामारी के वक्त में वह देश सेवा में ड्यूटी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जरूरी संसाधन तो उपलब्ध करवाएं जाएं.

अब हालात ये हैं कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मास्क व सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा. लोग खुद के पैसों से मास्क व सैनिटाइजर खरीद रहे हैं. जिला प्रशासन ने ट्रेनिंग देते वक्त मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने की बात कही थी, लेकिन दोनों ही संसाधनों की बेहद कमी है. मैंं स्वयं हर रोज अपने पैसों से मास्क सैनिटाइजर खरीदकर गांव में मरीजों और उनके परिजनों को देता हूं. सभी वेटनरी सर्जन इस ड्यूटी को लेकर पूरी तरह गंभीरता से काम कर रहे हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं कि ऐसे वक्त में जब देश संकट में है. उन्हें सेवाएं देने का मौका मिला है. हमारी एक ही मांग है कि सभी प्रकार के जरूरी संसाधन मुहैया करवाए जाएं. वेटनरी सर्जन का काम मरीजों की देखभाल व काउंसलिंग, ग्रामीणों को जागरूक करने आदि के लिए लगाई गई है.