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राजनीति में कैसे आए दुष्यंत चौटाला, क्यों छूट गई पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई!

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 12:31 PM IST

हरियाणा के लोग दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) में ताऊ देवीलाल (Devi Lal) की छवि देखते हैं. वो अक्सर कहते हैं 'कती आपणे दादा चौ. देवीलाल पै ग्या सै. जमा दूसरा देवीलाल लागै सै.'

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  • Last Updated: October 25, 2019, 12:31 PM IST
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नई दिल्ली. हरियाणा की राजनीति (Haryana Politics) में तेजी से उभरे युवा नेता दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) 27 जनवरी, 2013 को पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने अमेरिका (USA) जाने वाले थे. लेकिन 16 जनवरी को जेबीटी प्रकरण में आईएनएलडी (INLD) सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला और उनके पिता अजय चौटाला को हिरासत में ले लिया गया, जिसकी वजह से वो आगे की पढ़ाई के लिए विदेश नहीं जा सके. फिर न चाहते हुए भी उन्हें राजनीति में उतरना पड़ा. वर्ष 2014 में दुष्यंत चौटाला हिसार से सांसद (MP) चुने गए. इससे पहले उन्होंने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ साइंस इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर की डिग्री हासिल की थी.

राजनीति की पाठशाला

दुष्यंत चौटाला हरियाणा के सबसे पुराने राजनीतिक परिवार से आते हैं. इसलिए स्कूली शिक्षा के साथ-साथ वो राजनीति का ककहरा भी बचपन से ही सीखने लगे थे. दुष्यंत ने अपनी प्रोफाइल में जिक्र किया है कि जब वो आठ साल के थे तो सबसे पहले अपने परदादा चौधरी देवीलाल (Devi Lal) के चुनाव प्रचार के लिए रोहतक गए. दुष्यंत चौटाला के पिता अजय सिंह चौटाला जब 2009 में भिवानी-महेन्द्रगढ़ लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे तो उस समय दुष्यंत ने पूरे महेन्द्रगढ़ जिले में बतौर प्रभारी कमान संभाली.

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दुष्यंत चौटाला हरियाणा में जाटों के दूसरे सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं (फाइल फोटो)


2009 के राज्य विधानसभा चुनाव में भी दुष्यंत ने उचाना और डबवाली क्षेत्र में कमान संभाली. हरियाणा के लोग उनमें ताऊ देवीलाल की छवि देखते हैं. वो अक्सर कहते हैं, 'कती आपणे दादा चौ. देवीलाल पै ग्या सै. जमा दूसरा देवीलाल लागै सै.' युवा मतदाताओं के बीच दुष्यंत काफी लोकप्रिय हैं. वो सहजता और शालीनता के लिए जाने जाते हैं. जाट समुदाय में वो भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बाद सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले नेता बन गए हैं. गुरुवार को आए चुनाव नतीजे इस बात की तस्दीक करते हैं.

दुष्यंत चौटाला ही आगे बढ़ाएंगे देवीलाल की सियासत!

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार नवीन धमीजा का कहना है कि आईएनएलडी के ज्यादातर कार्यकर्ता जेजेपी के साथ जा चुके हैं. विधानसभा चुनाव 2019 (Haryana Election 2019) का परिणाम बता रहा है कि हरियाणा में देवीलाल की विरासत और सियासत को आगे बढ़ाने का काम दुष्यंत चौटाला ही करेंगे. जाटलैंड में भतीजों के प्रति जनता के रुझान ने बता दिया है कि चाचा (अभय चौटाला) ने उन्हें पार्टी (आईएनएलडी) से बाहर निकालकर गलती की है. पार्टी से अलग होकर दुष्यंत चौटाला ने दिसंबर 2018 में जन नायक जनता पार्टी (जेजेपी) नाम से एक अलग राजनीतिक दल बनाया था.
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First published: October 25, 2019, 12:06 PM IST
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