चक्का जाम: प्रशासन ने लिया एम्बुलेंस चालकों का सहारा, डीपू से बाहर भी नहीं निकाल पाए बसें

बसों में बैठाएं चालक बसों को रोडवेज डीपू से बाहर भी नहीं निकाल पाए.

Tilak Bhardwaj | News18 Haryana
Updated: October 18, 2018, 3:56 PM IST
चक्का जाम: प्रशासन ने लिया एम्बुलेंस चालकों का सहारा, डीपू से बाहर भी नहीं निकाल पाए बसें
एंबुलेंस चालक
Tilak Bhardwaj | News18 Haryana
Updated: October 18, 2018, 3:56 PM IST
यमुनानगर में रोडवेज कर्मचारियों के चक्के जाम को देखते हुए प्रशासन ने बसों को चलाने के लिए एम्बुलेंस चालकों का सहारा लिया. इस दौरान बसों के आप्रशिक्षित चालकों को बसों के स्टेयरिंग थमा दिए गए. बसों में बैठाएं चालक बसों को रोडवेज डीपू से बाहर भी नहीं निकाल पाए. एंबुलेंस चालकों का कहना है कि वो  प्रशासन के आदेश मानने को मजबूर हैं.

बता दें कि कर्मचारी यूनियनों के विरोध के बावजूद परिवहन विभाग ने किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को कांट्रैक्ट पर चलाने के लिए समझौता कर लिया है. मुख्यमंत्री भी साफ कर चुके हैं कि परिवहन सेवाओं को सुधारने के लिए सरकार अपने फैसले से पीछे हटने वाली नहीं. रोडवेज कर्मचारियों की बाकी सभी 24 मांगें मान ली गई हैं. वहीं तालमेल कमेटी का कहना है कि सरकार चाहे तो दूसरी मांगों को फिलहाल न माने, लेकिन रोडवेज में निजी बसों को शामिल करने का फैसला वापस लें.

हरियाणा रोडवेज का चक्का जाम, बसें चला रहे हैं पुलिसकर्मी

संकेत ये भी मिले हैं कि राज्‍य सरकार बढ़ते घाटे और आए दिन की हड़ताल से निपटने के लिए रोडवेज को खत्‍म करने की तैयारी में है. असल में हरियाणा के परिवहन विभाग के बेड़े में कुल 4083 बसें हैं, जबकि 900 बसें सहकारी परिवहन समितियों की दौड़ रही हैं. प्रदेश में रोजाना करीब 30 लाख लोग सफर करते हैं.

चक्का जाम के दौरान हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. मुख्यालय द्वारा त्यौहारी सीजन को देखते हुए किसी भी सूरत में बसों का संचालन करने बारे निर्देश मिले हैं. अगर जरूरत पड़ी तो दूसरे विभागों के चालकों को किराए पर लेकर बसें चलाई जाएंगी.

 
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