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हरियाणा: कोरोना महामारी के बीच डेंगू और मलेरिया ने बजाई खतरे की घंटी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

हरियाणा में डेंगू और मलेरिया ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता.

हरियाणा में डेंगू और मलेरिया ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता.

Malaria and Dengue Cases in Haryana: सीएमओ डॉक्टर विजय दहिया की मानें तो फॉगिंग इस बीमारी का इलाज नहीं है क्योंकि फॉगिंग सिर्फ उतना ही काम करती है जितना घरों में मच्छरों भगाने के लिए एंटी मॉस्किटो उपकरण करता है.

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    आशीष शर्मा

    यमुनानगर. कोरोना महामारी के बीच प्रदेश में डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है. स्वास्थ्य विभाग (Health Department) अलर्ट पर आ गया है. यमुनानगर में स्वास्थ्य विभाग की और से एक विशेष बैठक कर स्वास्थ्य अधिकारियों को डेंगू और मलेरिया (Dengue and Malaria) की रोकथाम के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं. सिविल सर्जन डॉक्टर विजय दहिया ने बताया कि अभी तक लिए 126 सैंपल में ऐसे 11 सैंपल पॉजिटिव आए हैं. इनमें से चार केस मलेरिया के हैं.

    सीएमओ डॉक्टर विजय दहिया ने बताया कि इस बार रुक रुक कर हो रही बारिश लंबे समय तक चल रही है जिस कारण विभाग पहले से ज्यादा अलर्ट पर है. उन्होंने यह भी बताया कि आज भी एक विशेष बैठक कर सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के जितने भी सोर्स हैं उन पर लगातार नजर रखें. किसी भी कारण मच्छरों से होने वाली बीमारियां नहीं फैली चाहिए.

    डेंगू से बचाव ही है इलाज

    सीएमओ ने आम जनता से भी अपील करते हुए कहा कि डेंगू की बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है, जो दिन में काटता है. इससे पहले रोगी को बुखार आता है फिर प्लेटलेट सेल्स की कमी आ जाती है. इसकी वजह से मरीज की मौत भी हो सकती है. इसलिए सभी नागरिकों को ध्यान में रखना चाहिए कि वह अपने बच्चों को व स्वयं भी पूरी बाजू वाली शर्ट पहने, घरों में या बाहर गमलों के भीतर बारिश का पानी इकट्ठा ना होने दें, हफ्ते में एक बार कूलर में भले थोड़ा सा भी जमा पानी हो उसे निकाल दे. यह प्रक्रिया हफ्ते में एक दिन करना आवश्यक है, इससे इन बीमारियों को फैलने वाले मच्छरों का साईकिल टूटता है, और यह बीमारी फैलने से रुक जाती है. सीएमओ की मानें तो फॉकिंग इस बीमारी का इलाज नहीं है क्योंकि फागिंग सिर्फ उतना ही काम करती है जितना हम अपने घरों में मच्छरों को भगाने के लिए एंटी मॉस्किटो उपकरण इस्तेमाल करते हैं, फॉकिंग से मच्छरों की डेंसिटी कुछ समय के लिए कम हो जाती है. लेकिन घूम फिर के वह उस जगह पर फिर वापिस आ जाते हैं.

    बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह से ही लें बुखार की गोली

    सीएमओ डॉक्टर विजय दहिया ने डेंगू के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इससे बुखार तो आता ही है साथ में प्लेटलेट सेल भी कम होते हैं. इस बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं क्योंकि इससे शरीर में जबरदस्त है दर्द होता है. इस बुखार की वजह से शरीर के अंदर कई बार ब्लीडिंग होती है जिसके चलते कुछ लोगों की स्किन के ऊपर छोटे-छोटे खून के धब्बे नजर आने लग जाते हैं. डॉ विजय दहिया ने बताया कि यह एक वायरल बीमारी है इसका कोई स्थाई इलाज नहीं है. प्रशासन सिर्फ और सिर्फ लक्षणों के आधार पर ट्रीटमेंट दे सकता है. बुखार आने पर साधारण करोसीन दी जाती है. बुखार की दूसरी दवाइयां भी प्लेटलेट सेल कम कर सकती हैं. इसलिए बहुत तेज बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह पर ही बुखार की गोली खानी चाहिए.

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