VIDEO: यमुनानगर में भारी बारिश के चलते नहर में दरारें, नया पुल धंसा

रविवार को हुई बरसात के बाद बिलासपुर में जो पानी इकट्ठा हुआ था, वह सोमवार को यमुनानगर जिले के अन्य कस्बों में भी दस्तक दे चुका है और आलम यह है कि बिलासपुर के साथ-साथ अब थाना छप्पर, छछरौली, बूड़ि‍या व मुस्तफाबाद के कई इलाकों में पूरी तरह से पानी भर चुका है.

Tilak Bhardwaj | News18 Haryana
Updated: July 23, 2018, 11:19 PM IST
Tilak Bhardwaj | News18 Haryana
Updated: July 23, 2018, 11:19 PM IST
यमुनानगर में रविवार को हुई मूसलधार बरसात के चलते कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं और नदियां उफान पर हैं. दादुपुर नलवी नहर में तीन जगह से दरार आ चुकी है, जिसके चलते गांव भूखड़ी में बाढ़ के हालात बन गए हैं, वहीं नेशनल हाईवे-73 स्थित भंभोल के पास बना नया पुल भी धंस गया है. हर तरफ सड़कों व खेत-खलिहानों में पानी ही पानी नजर आ रहा है.

सावन माह की पहली ही बरसात ने लोगों को बाढ़ जैसे हालात दिखा दिए हैं. हालांकि यमुनानगर के कस्बे बिलासपुर में ही 200 मिमी बरसात हुई थी और उसके बाद पूरे जिले में ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. नदियां उफान पर हैं और फसलें तथा सड़कें जलमग्न हो गई हैं. यही नहीं, जिस नहर को लेकर सरकार और किसानों के बीच में पूरी तरह से ठन चुकी है, वह नहर भी किसानों की फसलों को पूरी तरह से तबाह कर रही है.

दरअसल रविवार को हुई बरसात के बाद बिलासपुर में जो पानी इकट्ठा हुआ था, वह सोमवार को जिले के अन्य कस्बों में भी दस्तक दे चुका है और आलम यह है कि बिलासपुर के साथ-साथ अब थाना छप्पर, छछरौली, बूड़ि‍या व मुस्तफाबाद के कई इलाकों में पूरी तरह से पानी भर चुका है और हजारों एकड़ फसल पानी में पूरी तरह से डूब चुकी है. हालत यह है कि इस पानी की मार से नेशनल हाईवे-73 का एक बड़ा हिस्सा भी धंस गया है, जिसकी सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे विभाग ने तुरंत रास्ते को डायवर्ट कर मरम्‍मत का काम शुरू कर दिया है, लेकिन जो पानी दादुपुर नलवी नहर में गया है, उस पानी ने कई जगह तबाही मचानी शुरू कर दी है.

दादुपुर नलवी नहर को लेकर पहले से ही किसान परेशान थे और सरकार ने दादुपुर नलवी नहर को डीनोटि‍फाइड कर दिया था, लेकिन बरसात के पानी ने इस नहर का रुख ही बदल दिया और जहां पानी पहुंचना था, उसके उलट पानी चला गया. कई जगह से नहर में 20-20 फीट की दरार आ गई और गांव भूखड़ी में सैकड़ो एकड़ फसल को तबाह कर दिया.

मामला यही नहीं थमा. गांव भूखड़ी में ही तीन जगह पर नहर के टूट जाने से ज्यादातर पानी गांव में आ गया, हालाकि गांव ऊंचाई पर होने के कारण यह पानी गांव के ज्यादा रिहायशी इलाके में नहीं घुसा. गांव के लेागों का आरोप है कि नहर में दरारें आने के बाद जब विभाग को सूचना दी गई तो कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा.
First published: July 23, 2018, 6:01 PM IST
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