6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को आखिरी सांस तक कैद की सजा

देवी सिंह ने जो इंजेक्शन मासूम को लगाया था वह घोड़ों को बेहोश करने के लिए लगाया जाता था. इसकी कितनी मात्रा होती है यह देवी सिंह को पहले से ही पता थी.

Tilak Bhardwaj | News18 Haryana
Updated: January 29, 2019, 8:04 PM IST
6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को आखिरी सांस तक कैद की सजा
दोषी
Tilak Bhardwaj | News18 Haryana
Updated: January 29, 2019, 8:04 PM IST
यमुनानगर के खिजराबाद इलाके में जून माह में छह साल की मासूम के साथ हुई हैवानियत के मामले में कोर्ट ने दोषी को आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे बंद रहने की कठोर सजा सुनाई है. ऐसे में आरोपी को डेढ़ लाख रू जुर्माना भी सुनाया है. अरोपी ने छह साल की मासूम को पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के फार्म हाउस पर घोड़ों को बेहोश करने वाला इंजेक्शन लगाने के बाद तीन बार उसका रेप किया और बाद में गला काट कर उसकी हत्या कर दी थी.

बेलगढ़ गांव स्थित पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के घोड़ों के फार्म हाउस पर दो जून को एक खून से लथपथ छह साल की मासूम की लाश खाई में पड़ी हुई मिली थी. मासूम एक जून को ही घर से लापता हो गई थी और उसका परिवार उसे दिन-रात ढूढ़ता रहा, लेकिन जब लड़की की लाश मिली तो उसे देखते ही परिवार के लोगों के पांव तले से जमीन खिसक गई.



दरअसल मासूम की लाश मिट्टी के बीच अर्धनग्न हालत में खून से सनी हुई थी. पुलिस ने इस मामले में जांच करने के बाद फार्म हाउस पर काम करने वाले देवी सिंह को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो पुलिस के सामने आरोपी ने जो बयान दिए वह चौंकाने वाले थे. इन बयानों में हैवानियत थी. आरोपी देवी सिंह ने माना कि उसने मासूम बच्ची को रोते हुए देख उसे गोद में उठा लिया और बाद में उसे एक इंजेक्शन लगाया जिससे वह बेसुध हो गई.

देवी सिंह ने जो इंजेक्शन मासूम को लगाया था वह घोड़ों को बेहोश करने के लिए लगाया जाता था. इसकी कितनी मात्रा होती है यह देवी सिंह को पहले से ही पता थी. इंजेक्शन का असर होते ही मासूम बेसुध हो गई और ऐसे में देवी सिंह शराब पीकर मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाता रहा. देवी सिंह ने इस बात को स्वयं माना कि उसने तीन बार मासूम से दुष्कर्म किया और तीसरी बार जब लड़की रोने लगी तो उसने अपने बचाव के लिए चाकू से मासूम का गला काट दिया और स्वयं घर आ गया.

देवी सिंह के खिलाफ पुलिस ने पुख्ता कार्रवाई की और उसे जेल भेज दिया, लेकिन इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए यह कह दिया कि आरोपी देवी सिंह ने बड़ी ही क्रूरता से हैवानयित की थी और उसी के चलते उसे अब आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के अंदर रहना पड़ेगा और परिवार को मुआवजे के तौर पर डेढ़ लाख रुपए जुर्माना भी देना होगा.

कोर्ट के इस फैसले के बाद देवी सिंह अपने आप को बेकसूर बता रहा है और उसका यही कहना है कि उसने पुलिस के सामने डर के कारण बयान दिए थे, जबकि बच्ची के डीएनए के आधार पर ही कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. हालांकि इस फैसले से सरकारी वकील खुश नहीं हैं और उनके अनुसार ऐसे केस में आरोपी को फांसी की सजा देनी चाहिए और इसको लेकर अब वह हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे.

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