भीषण गर्मी ने सोख लिया पानी, अन्नदाताओं की चिंता बढ़ी

पानी की कहानी

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सबसे ज्यादा चिंतित किसान हैं, जिन्हें खेतों के सूखने का भय सता रहा है. बोर का पानी भी काफी नीचे चला गया है. इस समय खरीफ की फसल के लिए किसान तपती दोपहरी में भी खेतों में जुटे हुए हैं.

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भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच फसलों की देखभाल कर रहे किसान रेत के सहारे ही अपनी जिंदगी को संवारने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. भीषण गर्मी के बीच किसानों को खेत में कड़ी मेहनत से जो कुछ भी मिल जाता है, उसी से परिवार चलता है. गर्मी हो या फिर कड़ाके की सर्दी सिर्फ खेती पर ही निर्भर होना पड़ता है. किसानों को मजबूरी में भी खेतों में कार्य करना पड़ रहा है. तीन रोज पूर्व भी खेत में कार्य करते समय एक किसान की मौत हो गई थी. वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने किसानों के साथ-साथ आमजन को गर्मी से बचने की हिदायतें दी हैं।.

पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के साथ-साथ चरखी दादरी जिले में भी गर्मी ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. गर्मी से एक ओर जहां लोगों का हाल बेहाल है, वहीं दूसरी ओर 46-47 डिग्री की तपस के बीच भी किसान खेतों में रेत के सहारे जिंदगी संवारने में लगे हुए हैं. गर्मी के आगे किसानों को अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी का जुगाड़ करना कम नहीं है.

सबसे ज्यादा चिंतित किसान हैं, जिन्हें खेतों के सूखने का भय सता रहा है. बोर का पानी भी काफी नीचे चला गया है. इस समय खरीफ की फसल के लिए किसान तपती दोपहरी में भी खेतों में जुटे हुए हैं. किसान ओमबीर व जयसिंह का कहना है कि सूरज की बढ़ती तपस से भूमिगत जल स्तर नीचे चला गया. वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं लेकिन भीषण गर्मी के बीच फसल को बचाने की जद्दोजहद करना पड़ रहा है.



उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी बीच किसी तरह खेतों में पानी देना पड़ रहा है जिससे अन्य कार्यों के लिए कोई भी समय नहीं मिल पाता. किसानों ने बताया कि नाम मात्र कृषि योग्य भूमि होने की वजह से आजीविका के लिए यह खेती सबसे सर्वोत्तम है.
गर्मी के बीच मजदूर वर्ग भी मटके बनाकर जीवनयापन के लिए दो पैसे का जुगाड़ करने में लगा है. मटका बना रहे रणधीर सिंह ने बताया कि गर्मी उसके लिए मायने नहीं बल्कि दो टेम की रोटी का जुगाड़ करना जरूरी है.

वहीं सामान्य अस्पताल की एसएमओ डा. अनिता गुलिया ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को सावधानियां बरतने की जरूरत है. लगातार पानी पीने के साथ-साथ गर्मी से बचाव भी जरूरी है. एसएमओ ने कहा कि इस समय तपती गर्मी के बीच किसानों को अपना बचाव करना चाहिए. खेतों में सुबह-शाम ही कार्य करें. गर्मी के बीच कार्य करते समय पानी की बोतल साथ रखें व शरीर को धूप व गर्मी की तपस से बचाने के लिए सूती कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए.

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