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हिमाचल : बिलासपुर में AIIMS के निर्माण कार्य का आगाज

AIIMS का मॉडल. (फाइल फोटो)

AIIMS का मॉडल. (फाइल फोटो)

एम्स निर्माण कार्य में फ्लाई ऐश से बनी र्इंटों को प्रयोग में लाया जाएगा, जो कि पूरी तरह से ईको फ्रेंड्ली होगा. पर्यावरण संरक्षण के मददेनजर यह कार्य किया जाएगा.

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हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के कोठीपुरा में प्रस्तावित ऑल इंडिया इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सांइस (एम्स) का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. सबसे पहले एम्स के लिए चिन्हित एरिया को कवर करने के लिए बाउंड्री वाल लगाई जाएगी.

इसका कार्य स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के अधीन कार्यरत हॉस्पिटल सर्विसेज कंसल्टेंसी कॉरपोरेशन (एचएससीसी) ने दिल्ली की नामी प्रभुदयाल कंस्ट्रक्शन इंडिया प्राईवेट लिमिटेड को 17.31 करोड़ रुपए में सौंपा है. अगले आठ माह में इस कंपनी को वॉल का कार्य पूर्ण करना होगा.

खास बात यह है कि एम्स एरिया कवर करने के लिए लगाई जाने वाली तीन प्रकार की बाउंड्री वॉल में पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर ईको फ्रेंड्ली र्इंटों (फ्लाई ऐश ब्रिक्स) का इस्तेमाल होगा.



सबसे पहले बाउंड्री वॉल बनेगी
एचएससीसी के साइट इंजीनियर शिवम ठाकुर ने बताया कि बाउंड्री वॉल का टेंडर कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि चिन्हित एरिया के 10 किलोमीटर दायरे में बाउंड्री वॉल लगाई जाएगी. यह कार्य तीन प्रकार से किया जाएगा, यानी सड़क से ऊपर पहाड़ी वाले हिस्से में कॉलम भीम डालकर वायर फैंसिंग की जाएगी.

सड़क से सटे एरिया को कवर करने के लिए बाहर से पत्थर डालकर चिनाई की जाएगी. जबकि सड़क से निचले हिस्से यानी पशुपालन विभाग के फार्म से निचली जमीन को कवर करने के लिए चिनाई व वायर फैंसिंग कर ग्रिल भी लगाई जाएगी.

उन्होंने बताया कि इस कार्य में फ्लाई ऐश से बनी र्इंटों को प्रयोग में लाया जाएगा, जो कि पूरी तरह से ईको फ्रेंड्ली होगा. पर्यावरण संरक्षण के मददेनजर यह कार्य किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रभुदयाल कंस्ट्रक्शन इंडिया प्राईवेट लिमिटेड ने कार्य शुरू कर दिया है और अभी एरिया कवर करने के लिए झाडिय़ों की कांट-छांट की जा रही है. अगले मार्च माह तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.

ये सुविधाएं मिलेगी एम्स में
डिजाइन के हिसाब से एम्स में 750 बैड क्षमता होगी. 300 बैड सुपर स्पैशिएलिटी, 320 बैड जरनल स्पैशिएलिटी, 30 बैड आयुष, 15 ऑप्रेशन थियेटर, 50 बैड आईसीयू, 50 बैड इमरजेंसी ट्रॉमा में उपलब्ध होंगे. इसके साथ ही डिपार्टमेंट ऑफ एनोटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलॉजी, पैथालॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिशन और कम्युनिटी मेडिशन होंगे.

जबकि लाईब्रेरी, डिस्कशन हॉल, एनीमल हॉल्डिंग एरिया, रिसर्च, कॉमन लैबोरेट्रीज, एग्जामिनेशन हॉल, एडमिनिस्ट्रेशन और कैफेटेरिया इत्यादि बनाएं जाएंगे. यही नहीं, एम्स में हीलिंग गार्डन, 60 छात्रों का नर्सिंग कॉलेज, 100 छात्रों का आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, 750 लोगों के एकसाथ बैठने की क्षमता वाला सभागार और 160 लोगों की क्षमता वाली धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा. इस पर 1350 करोड़ की लागत आएगी.
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