कामधेनु हितकारी मंच को केंद्र से मिली नए प्रोजेक्ट की स्वीकृति, 27 नए मिल्क चिलिंग सेंटर होंगे स्थापित

श्वेतक्रांति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही बिलासपुर जिला की स्वयंसेवी संस्था कामधेनु हितकारी मंच के नाम एक नई उपलब्धि जुड़ गई है.

Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 2, 2019, 8:02 AM IST
कामधेनु हितकारी मंच को केंद्र से मिली नए प्रोजेक्ट की स्वीकृति, 27 नए मिल्क चिलिंग सेंटर होंगे स्थापित
बिलासपुर - कामधेनु हितकारी मंच को केंद्र सरकार से 8.63 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट की मिली स्वीकृति
Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 2, 2019, 8:02 AM IST
श्वेतक्रांति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही बिलासपुर जिला की स्वयंसेवी संस्था कामधेनु हितकारी मंच के नाम एक नई उपलब्धि जुड़ गई है. संस्था को केंद्र सरकार से 8.63 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट की स्वीकृति मिल गई है. शीघ्र ही बिलासपुर शहर के आसपास इस प्रोजेक्ट के निर्माण का कार्य आरंभ हो जाएगा. इस परियोजना के आरंभ होने से जिला के विभिन्न भागों में 27 नए मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित होंगे और कामधेनु की प्रतिदिन मिल्क प्रोसेसिंग की क्षमता 65 हजार लीटर से अधिक हो जाएगी.

संस्था के अध्यक्ष नानक चंद, सचिव जीत राम कौंडल, उपाध्यक्ष लच्छु राम और न होल संयंत्र के मैनेजर रवींद्र सां यान ने बुधवार को बिलासपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि संस्था का यह सफर वर्ष 2001 में 8-10 किसानों से शुरू किया गया था और वर्तमान में यह काफिला बिलासपुर और सोलन जिला की 65 ग्राम पंचायतों के 350 गांवों के चार हजार से अधिक किसान परिवारों तक पहुंच चुका है. बता दें कि न होल संयंत्र में प्रतिदिन 30 हजार लीटर दूध का एकत्रीकरण और वितरण हो रहा
है. इससे न केवल किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि उनके घर-द्वार पर ही उन्हें दूध के अच्छे दाम मिल रहे हैं. फिलहाल संस्था द्वारा पांच स्थानों जुखाला, दयोथ, छकोह, पिपलुघाट व सुबाथू के समीप गंभरपुल में मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित किए हुए हैं. यहां प्रतिदिन 16 हजार लीटर दूध की चिलिंग हो रही है.

उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले संस्था ने प्रदेश सरकार के माध्यम से 9.98 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय को भेजा था. सरकार ने इसके लिए 8.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इसे संस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में माना जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में जिला के 27 स्थानों पर मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित होंगे. शहर के समीप प्रतिदिन 20 हजार लीटर क्षमता के मिल्क पाश्चुराइजेशन प्लांट के अलावा पशुओं के चारे के लिए 73 लाख रुपये की लागत से साईलेज मेकिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुना करने की सोच के मद्देनजर यह प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा. यह प्रोजेक्ट सीएम जयराम ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश के पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर, नयनादेवी के पूर्व विधायक रणधीर शर्मा के अलावा भारत सरकार के पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग के सचिव तरुण श्रीधर के प्रयासों से ही संभव हो पाया.

ये भी पढ़ें - शिमला में खुलेंगी गौशालाएं, टॉपर छात्रों को लैपटॉप

ये भी पढ़ें - शिमला में बंदरों का आतंक जारी, नगर निगम ने खड़े किए हाथ
First published: August 2, 2019, 8:02 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...