हिमाचल के जलाशय में बढ़ेगा मछलियों का उत्पादन, पश्चिम बंगाल से मंगाए गए बीज

हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में मछली का उत्पादन बढ़ाने की दृष्टि से इस बार 70 एमएम से अधिक आकार का बीज डाला जाएगा. गोविंदसागर में मत्स्य निदेशक सतपाल मैहता की देखरेख में 4.19 लाख मछली के बीज डाले जा चुके हैं.

Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 12, 2019, 5:25 PM IST
हिमाचल के जलाशय में बढ़ेगा मछलियों का उत्पादन, पश्चिम बंगाल से मंगाए गए बीज
हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में डाला जाएगा 70 एमएम साईज का मछली बीज
Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 12, 2019, 5:25 PM IST
बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के जलाशयों (Reservoir) में मछली का उत्पादन (Production Of Fish) बढ़ाने की दृष्टि से इस बार 70 एमएम से अधिक आकार का बीज डाला जाएगा. इस दिशा में प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. इसके तहत गोविंदसागर (GovindSagar Lake) में मत्स्य निदेशक सतपाल मेहता की देखरेख में 4.19 लाख मछली के बीज डाले जा चुके हैं, जबकि कुल 10 से 12 लाख सिल्वर कॉर्प (Silver Corp) प्रजाति की मछली का बीज (Seeds of Fish) डालने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके अलावा पौंगडैम (Pong Dam), चमेरा (Chamera Dam) और कोलडैम (Kol Dam) में भी पिछले साल की तुलना में इस बार अधिक बीज डालने का निर्णय लिया है.

गोविंदसागर में 12 लाख मछलियों के बीज डाले जाएंगे

मत्स्य निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि इस बार गोविंदसागर में मछली की बेहतर ग्रोथ पाई गई है. इसके बाद हमने यह तय किया ​है कि पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा मछली का बीज डाले जाएं. इस प्रक्रिया के तहत मंगलवार को 4.19 लाख मछली के बीज डाले गए. उन्होंने बताया कि गोविंदसागर जलाशय में 10-12 लाख मछली बीज डालने की योजना है.



गोविंदसागर में रोहू, मृगल और कतला का होगा उत्पादन

सतपाल मेहता ने बताया कि मछली के बीज पश्चिम बंगाल से मंगवाए गए हैं. बीज की अगली खेप जल्द ही बिलासपुर पहुंचने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में स्थापित फार्मों में उत्पादित बीज भी जलाशयों में डाला जाएगा. उन्होंने बताया कि पौंगडैम में 8 से 10 लाख मछली के बीज डाले जाएंगे और इस जलाशय में भारतीय मेजर कार्प (रोहू, मृगल व कतला) (Rohu, Mrigal, Katla) प्रजाति का बीज डाला जाएगा.

Fishries-मत्स्य
मत्स्य निदेशक सतपाल मैहता ने बताया कि इस बार गोविंदसागर में मछली की बेहतर ग्रोथ पाई गई है.

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चमेरा डैम और कोलडैम में भी डाले जाएंगे बीज

सतपाल मेहता के अनुसार चमेरा डैम में सिल्वर कार्प का दो लाख बीज डाला जाएगा, जबकि कोलडैम में 3 से 4 लाख मछली बीज डाला जाएगा. उन्होंने बताया कि मछली की पैदावार बढ़ाने के मकसद से इस बार जलाशयों में सुनियोजित तकनीक से बीज डाला जा रहा है जिसके आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.

भाखड़ा डैम में केज में पलेगी सिल्वर कार्प

मत्स्य निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि भाखड़ा डैम (Bhakra Dam) में भी जल्द ही केज में सिल्पर कार्प का 20 से 25 एमएम का बीज डाला जाएगा. भाखड़ा में कुल 28 केज हैं और एक केज में आठ से दस हजार बीज डाले जाएंगे. उन्होंने बताया कि मछली का आकार 100 एमएम होने पर इसे जलाशय में डाल दिया जाता है. केज में मछली की ग्रोथ सही ढंग से होती है. यहां डेढ़ से दो लाख मछली बीज डालने की योजना है.

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First published: September 12, 2019, 4:56 PM IST
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