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लद्दाख मामलाः हिमाचल सरकार ने जारी किया अलर्ट, खुफिया विभाग रख रहा है नजर

भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर हिमाचल सरकार ने जारी किया अलर्ट.

भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर हिमाचल सरकार ने जारी किया अलर्ट.

हिमाचल सरकार (Himachal Government) ने लद्दाख में भारतीय और चीनी फौजियों के बीच हुई झड़प के बाद अलर्ट (Alert) जारी किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 16, 2020, 10:30 PM IST
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शिमला. हिमाचल सरकार (Himachal Government) ने लद्दाख में भारतीय और चीनी फौजियों के बीच हुई झड़प के बाद अलर्ट (Alert) जारी किया है.  गृह विभाग ने किन्नौर और लाहौल स्पीति प्रशासन (Kinnaur and Lahaul Spiti Administration) को भारत-चीन सीमा विवाद की पल-पल की खबर पर नजर रखने को कहा है. साथ ही कहा है कि कुछ भी अवांछित प्रतीत हो तो राज्य सरकार को सूचित करें. इसके अलावा सरकार ने राज्य खुफिया एजेंसी को पल-पल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गये हैं.

पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के कम से कम 20 जवान शहीद हो गए हैं. जबक‍ि चीन को भी भारी नुकसान हुआ है. चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी. उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने न्‍यूज़ 18 को बताया है, गलवान नदी पर जानलेवा भिड़ंत हुई, तब हुई जब सेना (भारतीय) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के टेंट को हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया. इस टेंट को पोजिशन कोड-पट्रोल पॉइंट 14 के पास लगाया गया था, जो इलाका वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) के भारतीय पक्ष के अंदर आता है.
यहीं हुई बैठक में पिछले हफ्ते सैनिकों को कम करने पर बनी थी सहमति
सूत्रों ने बताया कि दोनों ओर की सेनाओं के सैनिकों को लड़ाई में गंभीर चोटें आईं. सूत्रों ने कहा कि गहन चिकित्सा के लिए ऐसे सैनिकों को सैन्य अस्पतालों में ले जाया गया है. जबकि पॉइंट 14, गलवान और श्योक नदियों के संगम के पास है. पिछले सप्ताह एक डिवीजन कमांडर-स्तरीय बैठक इसी स्थान पर हुई थी, जहां भारतीय सेना और पीएलए ने सैनिकों को कम करने के लिए सहमति जताई थी. इस कदम को मई से शुरू हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा पर महीनों पुराने संकट के समाप्त होने की दिशा में पहले कदम के रूप में देखा गया था.
हाथापाई के दौरान भीषण लड़ाई रोकते हुए PLA सैनिकों ने बनाया निशाना
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि हाथापाई के दौरान भीषण लड़ाई टालने की कोशिश करते हुए पीएलए सैनिकों ने उन्हें निशाना बनाया. जबकि स्थानीय पीएलए कमांडरों, सरकारी सूत्रों ने कहा कि मंगलवार की सुबह लड़ाई को टालने के लिए एक बैठक बुलाई गई थी, जिससे स्थानीय स्तर की सैन्य वार्ता हो सके.



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