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हिमाचलः कुश्ती में शहीद अंकेश ने नेपाल में जीता था मेडल, पिता-चाचा और 3 ताया सेना से हुए हैं रिटायर

बिलासपुर का अंकेश अरुणाचल में शहीद हो गया है.

बिलासपुर का अंकेश अरुणाचल में शहीद हो गया है.

Bilaspur Jawam Ankesh Martyred in Arunachal Avalanche : सेना में जाने के अलावा अंकेश को कुश्ती का भी शौक था. कई प्रतियो ...अधिक पढ़ें

बिलासपुर. 21 साल की उम्र भी क्या दुनिया को अलविदा कहने की उम्र होती है क्या…? आज यह लाइनें हर हिमाचली की जुबान से निकल रही हैं. अरुणाचल में हिमाचल प्रदेश के एक और लाल शहीद हो गया. 21 साल का अंकेश कामेंग सेक्टर में हिमस्खलन की चपेट में से शहीद हो गए.

कुल सात जवानों ने शहादत पाई. अंकेश बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के सेऊ गांव का रहने वाला था. मंगलवार देर शाम अंकेश के बलिदान की सूचना परिवार को मिली तो मानों कोहराम मच गया. बुधवार को अंकेश का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचेगा और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा.

19 साल में भर्ती हुआ था अंकेश
6 सितंबर 2000 अंकेश भारद्वाज का जन्म हुआ था. दो साल पहले ही महज 19 वर्ष की उम्र में वह सेना में भर्ती हुआ. छह फरवरी 2022 को अंकेश अपने साथियों के साथ बर्फीले तूफान में लापता हो गया था. गांव और प्रदेश के लोग अंकेश सहित सभी जवानों की सलामती की दुआ कर रहे थे, लेकिन देर शाम को सेना ने सभी जवानों के शव बरामद किए.
कुश्ती का चैंपियन और सबका लाडला था अंकेश
मंगलवार शाम को सूबे के खाद्य आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग जवान के घर पहुंचे और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. अंकेश के पिता पूर्व सैनिक हैं. उनके चार भाई भी बीएसएफ और सेना में सेवाएं देकर रिटायर हुए हैं. अंकेश भारद्वाज जम्मू-कशमीर राइफल्स में भर्ती हुआ था. बचपन से ही ही वह सेना में भर्ती होना चाहता था और उसके लिए तैयारी करता था. अंकेश का छोटा भाई आकाश अभी 11वीं में पढ़ता है.

भर्ती होने का जुनून था

अंकेश भारद्वाज को सेना में जाने का जज्बा परिवार से ही मिला था. क्योंकि पिता सेना में रह चुके हैं. चाचा बीएसएफ और तीन ताया भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं. अंकेश के रिश्तेदारों ने बताया कि वह हमेशा ही सेना में जाना चाहता था. अंकेश ने घुमारवीं के हिम सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से मेडिकल की पढ़ाई की थी. 12वीं पास होने के ठीक बाद वह सेना में जाने के लिए तैयारी करने लगा था और बाद में भर्ती हुआ था.
कुश्ती का भी था शौक
सेना में जाने के अलावा अंकेश को कुश्ती का भी शौक था. कई प्रतियोगिताओं में अंकेश ने जिला और राज्यस्तर पर हिस्सा लिया था. साथ ही नेपाल में भी उसने कुश्ती प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल मेडल जीता था. अंकेश राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे और उन्होंने 55 किलोग्राम वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नेपाल में 22 से 24 मई 2017 में स्कूल ओलंपिक गेम्स में कुश्ती में पदक जीता था. इसके अलावा 2018 में हरिद्वार में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 52 व 55 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था, वहीं 2016 में आगरा उत्तर प्रदेश में स्टूडेंट ओलंपिक में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था. अंकेश की शहादत से पूरा प्रदेश गमगीन है. मंगलवार को अंकेश का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचेगा और उनका अंतिम संस्कार होगा.

Tags: Arunachal pradesh, Avalanche, Himachal pradesh, Indian Army news, Snowfall news

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