हिमाचल की बेटी डॉ. दीक्षा ने PU में किया शोध, अब दांतों से पता चलेगी आपकी उम्र

शोध के दौरान दीक्षा सांख्यान.

शोध के दौरान दीक्षा सांख्यान.

Exceptional and Successful Research On Teeth: डॉ. दीक्षा सांख्यान के इस शोध को पंजाब यूनिवर्सिटी की कमेटी ने स्वीकार कर लिया है और यह जर्नल में भी प्रकाशित हो गया है. बिलासपुरवासी इस उपलब्धि को लेकर खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 11:05 AM IST
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बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर की बेटी डॉ. दीक्षा सांख्यान ने अपने शोध (Research) में एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है. इस शोध के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि अब न सिर्फ दांतों की जांच करना आसान हो जाएगा, बल्कि आयु की जांच भी सरल हो जाएगी यानी दांतों की जांच से ही उम्र का राज खुल जाएगा. डॉ. दीक्षा संख्यान चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी (Punjab University) के एंथ्रोपोलॉजी विभाग में शोधकर्ता हैं. उन्होंने बच्चे से लेकर बड़े लोगों की आयु का पता केवल मात्र दांत की जांच से लगाया है.

तीन साल तक चले इस शोध के दौरान उन्होंने चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल (Himachal Pradesh) व हरियाणा के 720 लोगों के दांतो को वैज्ञानिक तरीके से तैयार मशीन द्वारा स्कैन किया. इस शोध से इस क्षेत्र के लोगों का दांतों (Teeth) के जरिए जांच का डेटाबेस भी तैयार हो गया है. मृत व्यक्ति की आयु भी इससे पता लग जाएगी. दीक्षा के पिता राज सांख्यान व्यवसायी हैं. वह सुषमा सांख्यान की बेटी हैं.

शोध के दौरान उन्होंने चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल (Himachal Pradesh) व हरियाणा के 720 लोगों के दांतो को वैज्ञानिक तरीके से तैयार मशीन द्वारा स्कैन किया.


पंजाब यूनिवर्सिटी में किया शोध
डॉ. दीक्षा सांख्यान ने पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉक्टर जेएस सहरावत के निर्देशन में यह शोध किया है. बच्चों की उम्र का पता लगाने के लिए शोध में बिलेम्स मैथर्ड व बड़े लोगों की आयु की जांच के लिए पीसीटीएचआर फार्मूले को अपनाया गया है. शोध में बताया कि यह दांत 3 से 50 साल तक के लोगों के हैं. साथ ही जिन लोगों के दांतों का स्कैन किया था. उन्होंने भी अपनी आयु वही बताई, जो शोध में आई थी. वैसे वैज्ञानिक अन्य तरीकों से भी लोगों की आयु का पता लगाते हैं. लेकिन यह फार्मूला अधिक कारगर माना जा रहा है. क्योंकि इसका परिणाम वास्तविक आयु के आसपास ही आता है.

कमेटी ने स्वीकार किया शोध, रिसर्च जर्नल में छपा

डॉ. दीक्षा सांख्यान के इस शोध को पंजाब यूनिवर्सिटी की कमेटी ने स्वीकार कर लिया है और यह जर्नल में भी प्रकाशित हो गया है. बिलासपुर वासी इस उपलब्धि को लेकर सभी खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे हैं.
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