मछली के अवैध शिकार पर लगेगी रोक, पहली बार उड़नदस्ते का किया गया गठन

मत्स्य विभाग ने मछली के अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए एक राज्यस्तरीय उड़नदस्ते का गठन किया है.

Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 27, 2019, 5:08 PM IST
Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 27, 2019, 5:08 PM IST
हिमाचल प्रदेश के शीतल जल और अन्य जलाशयों विशेषकर नदी और नालों में बढ़ रही अवैध मछली शिकार को लेकर प्रदेश मत्स्य विभाग ने कड़े कदम उठाने के लिए एक राज्यस्तरीय उड़नदस्ते का गठन किया है. मत्स्य विभाग हर वर्ष जून से जुलाई महीने तक मछली पकड़ने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाता आया है. उसके पीछे तर्क यह है कि इन महीनों में मछली प्रजनन प्रक्रिया में होती है लेकिन अवैध मछली पकड़ने वाले इस बात को समझने को तैयार नहीं होते हैं और वे मछली के अस्तित्व को चुनौती देने में लगे हुए हैं. इसी को ध्यान में रखकर मत्स्य विभाग द्वारा अब एक राज्यस्तरीय उड़न दस्ते का गठन किया है. यह उड़नदस्ता ना केवल बंद सीजन में अवैध मत्स्य आखेट को रोकने के लिए कड़े कड़े कदम उठाएगा, वही बंद सीजन के उपरांत भी गैरकानूनी मत्स्य पर कड़ी नजर रखेगा.

मछली के अवैध शिकार पर बारह महीने रखेगा नजर

Fish-मछली
बंद सीजन में अवैध मत्स्य आखेट को रोकने के लिए कड़े कड़े कदम उठाएगा, बल्कि इसके बाद गैरकानूनी मत्स्य पर कड़ी नजर रखेगा.


इस बाबत बोलते हुए मत्स्य निदेशक तथा चीफ वार्डन मत्स्य सतपाल मेहता ने बताया कि यह उड़नदस्ता बरस भर अवैध मत्स्य आखेट पर कड़ी नजर रखेगा. उन्होंने बताया कि अब अवैध मत्स्य आखेट करते पाए जाने पर जहां ₹5000 तक का जुर्माना किया जा सकता है. वहीं इसमें 3 साल की सजा का भी प्रावधान है.

प्रजनन काल में मत्स्य का शिकार नहीं करें: सतपाल मेहता

उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वह जहां प्रजनन काल के दौरान मत्स्य आखेट ना करें, वही उसके उपरांत मत्स्य आखेट के लिए मत्स्य विभाग मैं कानूनी तौर पर आखेट के लिए लाइसेंस लेकर मछली पकड़ें. उन्होंने कहा कि मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध तो केवल जून-जुलाई में लगाया जाता है जबकि इस बार बरसात की देरी से आने के चलते यह समय अवधि 15 दिन के लिए और बढ़ाई जा सकती है.

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First published: July 27, 2019, 5:08 PM IST
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