World War II के हीरो और विक्टोरिया क्रॉस विजेता भंडारी राम को दी गई श्रद्धांजलि

World War II के हीरो और 10वें बलूच रेजिमेंट ब्रिटिश इंडियन आर्मी के जवान विक्टोरिया क्रॉस विजेता भंडारी राम को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर उनके पराक्रम को याद किया गया.

Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 25, 2019, 5:49 PM IST
Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 25, 2019, 5:49 PM IST
World War II के हीरो और 10वें बलूच रेजिमेंट ब्रिटिश इंडियन आर्मी के जवान विक्टोरिया क्रॉस विजेता भंडारी राम को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर उनके पराक्रम को याद किया गया. बता दें कि वीर भंडारी ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए और भारतीय सेना के जवानों का लोहा मनवाकर विश्व का सबसे बड़ा बहादुरी का पुरस्कार विक्टोरिया क्रॉस जीता था. उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के साथ-साथ आजादी के बाद भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दी थी.

जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग के कला मंच पर आयोजित समारोह में सदर बिलासपुर के एसडीएम नरेंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि वीर भंडारी की वीरता पर अपने विचार रखे.

अद्भुत साहस का परिचय दिया

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बिलासपुर जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग के कला मंच पर आयोजित समारोह में भंडारी राम के पराक्रम को याद किया गया.


बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना के विरूद्ध बर्मा कैम्पेन में भंडारी राम के अद्भुत साहस के लिए उनको सर्वश्रेष्ठ सम्मान से नवाज़ा गया था. यह सम्मान ब्रिटिश और कॉमनवेल्थ फोर्सेस को दिया जाता था. यह सम्मान उनको 8 फरवरी 1945 को दिया गया.

आजादी के बाद भी वो भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देते रहे और 1969 में वो कैप्टन के पद से रिटायर हुए. उन्हें विक्टोरिया क्रॉस सम्मान के साथ ही परम विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया. इसके अलावा कई सड़कों और होटलों का नाम उनके नाम पर रखा गया है. 19 मई 2002 को हिमाचल के बिलासपुर जिले में 82 वर्ष की आयु में औहर स्थित अपने आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली थी.

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First published: July 25, 2019, 4:47 PM IST
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