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वैष्णो देवी हादसे ने दिलाई नयना देवी की याद,145 श्रद्धालुओं की हुई थी मौत, अब ऐसी है व्यवस्था

वैष्णो देवी हादसे ने दिलाई नयना देवी की याद,145 श्रद्धालुओं की हुई थी मौत, अब ऐसी है व्यवस्था

एसपी बिलासपुर एसआर राणा स्वयं सुरक्षा प्रबंधों का जायजा ले रहे हैं. हर पहलू को मध्य नजर रखते हुए पल-पल की सूचनाओं का आदान- प्रदान हो रहा है.

एसपी बिलासपुर एसआर राणा स्वयं सुरक्षा प्रबंधों का जायजा ले रहे हैं. हर पहलू को मध्य नजर रखते हुए पल-पल की सूचनाओं का आदान- प्रदान हो रहा है.

वैष्णो देवी में हादसे के बाद नयना देवी (Naina Devi) में अलर्ट. 2008 में 145 की गई थी जान. प्रशासन ने दो दिन पूर्व जारी किए थे हाई अलर्ट के आदेश. इस संदर्भ में एसपी बिलासपुर एसआर राणा ने की पुष्टि. एसपी बिलासपुर एसआर राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कम संख्या श्रद्धालुओं को ऊपर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है, ताकि भगदड़ जैसा माहौल पैदा न हो.

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बिलासपुर. जम्मू कश्मीर में मां वैष्णो देवी (Vaishno Devi Accident) के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में भगदड़ (Stampede) मचने से कई लोगों की मौत हो गई है. इसके बाद हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में स्थित उत्तर भारत की प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्रीनयना देवी (Srinayana Devi Stampede) में भी मंदिर व जिला प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क हो गया है. मालूम हो कि यहां भी वर्ष 2008 में भगदड़ मचने से करीब 145 लोगाें की जान चली गई थी. इसी कारण अब एहतियातन जिला बिलासपुर प्रशासन ने यहां भीड़ को नियंत्रित करने की योजना बनाई है. मंदिर परिसर में कहीं भी अधिक भीड़ जमा नहीं हो, इसके लिए भीड़ को हिस्सों में बांटकर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है. हालांकि मंदिर परिसर में हादसे के बाद व्यवस्थाओं को काफी दुरुस्त किया गया है, ताकि किसी भी तरह की हादसे की गुंजाइश न रहे. वहीं, श्रीनयना देवी परिसर में अब कई वैकल्पिक रास्ते मंदिर में मां के दर्शन के लिए बनाए गए हैं.

गौरतलब है कि उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्रीनयना देवी में नव वर्ष के मेले शुरू हो गए हैं और एक व दो जनवरी को यहां हजारों भक्त शीष नवाने पहुंचते हैं. पंजाब और हरियाणा सहित देश भर से हजारों श्रद्धालु यहां मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर को नववर्ष के मेलों के लिए रंग बिरंगी लाईटों से  दुल्हन की तरह सजाया गया है. पूरे नयना देवी क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है. तथा चप्पे चप्पे पर पुलिस पहरा लगा दिया गया है.

110 सीसीटीवी कैमरे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं
वहीं, नयना देवी मंदिर में आने वाले हर सड़क में चौकसी बढ़ा दी गयी है तथा भाखड़ा डैम, केंची मोड़ तथा कोलां वाला टोबा में यात्रियों की चेकिंग करने के बाद ही भेजा जा रहा है. अस्त्र- शस्त्र लेकर जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. नारियल तथा कडाह प्रशाद को अंदर ले जाने पर पूरी पाबंदी लगाई गई है. यात्रियों को निकासी रास्ते से मंदिर के लिए भेजा जा रहा है. तथा पौडियों के रास्ते से यात्रियों को वापिस भेजा जा रहा है. लगभग 110 सीसीटीवी कैमरे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं.

सूचनाओं का आदान- प्रदान हो रहा है
वहीं, न्यास ने चार दिनों के लिए अस्थायी तौर पर कर्मचारी नियुक्त किए हैं. तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी की गाड़ियां हर वक्त तैयार रहेंगी. मेला अधिकारी एवं एसडीएम राजकुमार तथा डीएसपी पूर्ण चंद ने हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी है. इसके अलावा एसपी बिलासपुर एसआर राणा स्वयं सुरक्षा प्रबंधों का जायजा ले रहे हैं. हर पहलू को मध्य नजर रखते हुए पल-पल की सूचनाओं का आदान- प्रदान हो रहा है.

अनहोनी घटित होने से टला जा सके
एसपी बिलासपुर एसआर राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए  कम संख्या श्रद्धालुओं को ऊपर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है, ताकि भगदड़ जैसा माहौल पैदा न हो. इसके अलावा उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व ही श्री नयनावदेवी में हाई अलर्ट कर करीब 300 जवानों को तैनात कर मुस्तैद कर दिया था, ताकि कोई अनहोनी घटित होने से टला जा सके.

Tags: Bilaspur news, Himachal Police, Himachal pradesh news

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