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जब स्कूल के अपग्रेडेशन मुद्दे पर जेपी नड्डा ने किया आंदोलन और पुलिस को चलानी पड़ी थीं गोलियां
Bilaspur-Hp News in Hindi

Arun Chandel | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 20, 2020, 5:47 PM IST
जब स्कूल के अपग्रेडेशन मुद्दे पर जेपी नड्डा ने किया आंदोलन और पुलिस को चलानी पड़ी थीं गोलियां
जेपी नड्डा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से हैं.

BJP New President JP Nadda: जगत प्रकाश नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 को पटना, बिहार में हुआ था. नड्डा मूलरूप से हिमाचल के बिलासपुर से संबंध रखते हैं. इनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और बाद में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति बने.

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शिमला. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP President) पद पर जेपी नड्डा (JP Nadda) के काबिज होने से हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है. उनके गृह जिला बिलासपुर (Bilaspur) के कंदरौर क्षेत्र में भी जेपी नड्डा (JP Nadda) के पार्टी के शीर्ष पद पर काबिज होने से खुशी का माहौल है. भारी संख्या में नड्डा के समर्थक दिल्ली पहुंचे हैं.

जेपी नड्डा ने छात्र राजनीति के माध्यम से राजनीति में पदार्पण किया था. हिमाचल में उनके पुराने साथियों और समर्थकों ने बताया कि वर्ष 1986-87 में कंदरौर में स्थानीय जनता ने जेपी नड्डा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार के विरुद्ध बड़ा उग्र आंदोलन किया था. इसी आंदोलन से जेपी नड्डा उभर कर आए थे और आम जन-मानस के दिलों में बस गए थे.

तब कांग्रेस की सरकार थी
जेपी नड्डा के पुराने साथियों एवं समर्थकों ने बताया कि वर्ष 1986-87 में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल में कुछ स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड किया था. उस पॉलिसी में हाई स्कूल कंदरौर का भी नाम भी था. लेकिन तत्कालीन सदर बिलासपुर विधानसभा चुनाव क्षेत्र के विधायक डॉ. बाबू राम गौतम ने अपने गृह क्षेत्र में स्थित हाई स्कूल पंजगाईं को सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाने के लिए लिस्ट में बदलाव कर दिया.

बिलासपुर के कंदरौर में इसी पीपल के पेड़ के नीचे भाषण देते थे जेपी नड्डा.
बिलासपुर के कंदरौर में इसी पीपल के पेड़ के नीचे भाषण देते थे जेपी नड्डा.


लाठीचार्ज के आंसू गैस के गोले दागने पड़े
कंदरौल स्कूल का अपग्रेड लिस्ट से नाम हटाने पर कंदरौर एवं समीपवर्ती क्षेत्रों की जनता भड़क गई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हड़ताल तक नौबत पहुंच गई. करीब डेढ़ माह उग्र आंदोलन चला. इस आंदोलन में हिमाचल प्रदेश पुलिस पूर्ण रूप से विफल रही. लाठीचार्ज के आंसू गैस के गोले दागने पड़े. पुलिस को आत्मसुरक्षा में गोली चलनी पड़ी थी. प्रदेश सरकार को इस आंदोलन में झुककर अपना निर्णय वापस लेना पड़ा था. प्रदेश सरकार को कंदरौर में स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्रीय पुलिस बल की सहायता लेनी पड़ी थी. इसी उग्र आंदोलन से जेपी नड्डा ने राजनीति में पदार्पण किया था, जो आज भारतीय राजनीति में चमकते हुए सितारे हैं.
बिलासपुर में जश्न मनाते हुए कार्यकर्ता.
बिलासपुर में जश्न मनाते हुए कार्यकर्ता.


केंद्र में भी रहे स्वास्थ्य मंत्री
जगत प्रकाश नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 में पटना, बिहार में हुआ था. नड्डा मूलरूप से हिमाचल के बिलासपुर से संबंध रखते हैं. इनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और बाद में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति बने. जेपी नड्डा की शुरुआती शिक्षा बिहार में हुई और स्नातक पटना विश्वविद्यालय से पूरी की. एलएलबी की पढ़ाई करते हुए हिमाचल विश्वविद्यालय में एबीवीपी से छात्र संघ के पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने. एक तरह से एबीवीपी का बूटा ही नड्डा ने एचपीयू कैंपस में लगाया. 1993 में पहली बार बिलासपुर से विधायक चुने गए और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए गए. 1998 से 2003 में भी बिलासपुर सदर से विधायक चुनकर आए. प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री के अलावा, केंद्र में भी मोदी सरकार में मंत्री रहे.

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First published: January 20, 2020, 4:02 PM IST
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