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चंबा : मारूति के सभी आउटलेट पर 20 दिनों से लटके ताले, जानिए क्यों...

मारूति के डीजेएम रवि ने कहा कि जब तक ये हड़ताल पर रहेंगे, तब तक कंपनी की ओर से उनकी कोई भी मांग पर विचार नहीं किया जाएगा.

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हिमाचल प्रदेश के चंबा में मारूति एजेंसी के कर्मचारी पिछले 20 दिनों से हड़ताल पर बैठे हुए हैं. मारूति कंपनी के तीनों आउटलेट चंबा, सरू और बनीखेत में ताले लटके हुए हैं. कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं. जिससे कंपनी को घाटा हो रहा है, वहीं ग्राहकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों की हड़ताल गैरकानूनी है, वहीं कर्मचारियों का कहना है कि जिन मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं वो पूरी तरह कानूनी है.

​​20 दिनों से कर्मचारी कर रहे प्रबंधन से बातचीत का इंतजार 

पिछले 20 दिनों से कर्मचारी रोज सुबह एजेंसी के बाहर आकर बैठते हैं और इंतजार करते हैं कि प्रबंधन की ओर से कोई उनकी बात सुनने आए. लेकिन अब तक प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी इनकी समस्या जानने नहीं आए. जिसकी वजह से समस्या का कोई भी हल नहीं निकल पा रहा है. वहीं स्थानीय प्रशासन भी इस मामले में कोई मध्यस्थता  नहीं कर रहा है. गौरतलब है कि  पठानकोट से मारुती कंपनी के अधिकारी चंबा तो आते हैं, लेकिन लेबर कोर्ट में सुनवाई के बाद वापस चले जाते हैं. बता दें कि कुछ हड़ताली कर्मियों ने लेबर कोर्ट में कंपनी में हो रहे शोषण के खिलाफ अर्जी दी थी. यही वजह है कि कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच में तनातनी जारी है.



हड़ताली कर्मचारियों की माने तो कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों को लेकर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि वेतन वृद्धि, बोनस समेत अपनी कुछ जायज मांगों को लेकर वो हड़ताल पर हैं.

वेतन वृद्धि और बोनस की मांग को लेकर कर्माचरी हड़ताल पर

हड़ताली कर्मचारियों की माने तो कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों को लेकर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि वेतन वृद्धि, बोनस समेत अपनी कुछ जायज मांगों को लेकर वो हड़ताल पर हैं. अगर कंपनी उनकी मांगों को मांगने का लिखित आश्वासन देती है तो वे हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौट जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कंपनी जल्द ही बात नहीं करती तो वो मजबूर हो कर अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे.

मारूति के डीजेएम रवि ने कहा कि जब तक ये हड़ताल पर रहेंगे, तब तक कंपनी की ओर से उनकी कोई भी मांग पर विचार नहीं किया जाएगा.


जब तक हड़ताल पर रहेंगे, कंपनी उनकी कोई बात नहीं सुनेगी

वहीं मारूति के डीजेएम रवि ने कहा कि जब तक ये हड़ताल पर रहेंगे, तब तक कंपनी की ओर से उनकी कोई भी मांग पर विचार नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने माना कि हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी ग्राहकों को उनकी गाड़ियों सर्विस कराने में हो रही है. इसके लिए कंपनी की ओर से ग्राहकों को सुविधा देने की पूरी कोशिश की जा रही है. जो वर्कशॉप में गाड़ी आती है, उसे कंपनी अपने खर्चे पर पठानकोट सर्विस के लिए भेजती हैं और इसके लिए ग्राहकों से कुछ  भी शुल्क  नहीं लिया जाता है.

 
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