13 हजार फीट की ऊंचाई पर महादेव: कल से शुरू होगी चंबा की मणिमहेश यात्रा

News18 Himachal Pradesh
Updated: August 23, 2019, 1:10 PM IST
13 हजार फीट की ऊंचाई पर महादेव: कल से शुरू होगी चंबा की मणिमहेश यात्रा
चंबा की मणिमहेश झील.

मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) हिमाचल प्रदेश में प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है. यह बुद्धिल घाटी में भरमौर (Bharmour) से 21 किलोमीटर दूर स्थित है. कैलाश पीक (18,564 फीट) के नीचे 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील मौजूद है.

  • Share this:
हिमाचल प्रदेश के चंबा (Chamba) जिले की धार्मिक मणिमहेश यात्रा (Manimahesh Yatra) शनिवार से शुरू हो रही है. प्रदेश-देश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु इसमें हिस्सा लेंगे. बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी पर छोटा शाही स्नान होगा. छोटा शाही स्नान, जन्माष्टमी 23 अगस्त को सुबह आठ बजकर नौ मिनट पर शुरू होगा, जो 24 अगस्त सुबह आठ बजकर 32 मिनट पर खत्म होगा.

इस बार मौसम बड़ी चुनौती
हिमाचल में इस बार मॉनसून का रौद्र रूप देखने को मिला है. 24 और 25 अगस्त को बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, 17 और 18 अगस्त को हुई भारी बारिश के चलते भी रास्ते के नदी नाले उफान पर हैं. ऐसे में श्रद्धालु के लिए यह यात्रा इस बार किसी चुनौती से कम नहीं है.

ये है शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त के दौरान श्रद्धालु मणिमहेश झील में डुबकी लगाकर पूजा करेंगे. जानकारी के अनुसार, मणिमहेश यात्रा 26 से छह सितंबर तक चलेगी. यात्रा के लिए पुलिस कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात कर दी गई हैं. बताया जा रहा है कि पांच सितंबर को सप्तमी पर दोपहर बाद गुर डल झील को पार करने की रस्म अदा करेंगे और इसी दिन शाम 8 बजकर 49 मिनट पर बड़ा शाही स्नान शुरू होगा, जो छह सितंबर 8 बजकर 43 मिनट पर खत्म होगा.

भरमौर से गौरीकुंड तक हेलिकॉप्टर सेवा
हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की तरफ से गौरीकुंड तक हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की गई है. भरमौर से हेलिकॉप्टर के लिए जरिये गौरीकुंड तक पहुंचा जा सकता है. इसका एकतरफा किराया 2750 रुपये तय किया गया है. टिकट केवल भरमौर में काउंटर पर ही मिलेगी.
Loading...

Chamba Manimahesh Yatra
चंबा का भरमौर. (फोटो-भरमौर प्रशासन)


कहां है मणिमहेश झील और मान्यता
मणिमहेश झील हिमाचल प्रदेश में प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है. यह बुद्धिल घाटी में भरमौर से 21 किलोमीटर दूर स्थित है. कैलाश पीक (18,564 फीट) के नीचे 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील मौजूद है. हर साल, भाद्रपद के महीने में हल्के अर्द्धचंद्र आधे के आठवें दिन, इस झील पर मेला लगता है. भगवान शिव को इस मेले का अधिष्ठाता देवता हैं. कैलाश पर एक शिवलिंग के रूप में एक चट्टान के गठन को भगवान शिव की अभिव्यक्ति माना गया है. स्थानीय लोगों ने पर्वत के आधार पर बर्फ के मैदान को शिव का चौगान कहा है.

कैलाश पर्वत अजेय
मणिमहेश झील के सामने दिखने वाला कैलाश पर्वत अजेय है. आज तक इस चोटी की कोई चढ़ाई नहीं कर सका है. मान्यता के अनुसार, एक बार एक गद्दी ने भेड़ के झुंड के साथ पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश की थी तो वह भेड़ों के साथ पत्थर हो गया था. माना जाता है कि प्रमुख चोटी के नीचे छोटे चोटियों की श्रृंखला में चरवाहा और उसके झुंड के अवशेष हैं. मान्यता है कि भरमौर में भरमौरी माता के मंदिर में पहले माथा टेकने के बाद यह यात्रा शुरू करनी पड़ती है, तभी इसे सफल माना जाता है.

मणिमहेश झील के सामने कैलाश पर्वत.
मणिमहेश झील के सामने कैलाश पर्वत.


ये भी किवदंती
एक किवदंती यह भी है कि एक सांप ने भी चोटी पर चढ़ने का प्रयास किया  था, वह पत्थर में बदल गया था. यह कैलाश की चोटी केवल तभी दिखती है जब जब भगवान प्रसन्न होते हैं. यहां मौसम और धुंध की वजह से चोटी बादलों के पीछे छिप जाती है. लाहौल-स्पीति से होते हुए भी तीर्थयात्री कुगति पास से मणिमहेश आते हैं. वहीं, कांगड़ा और मंडी से कवारसी या जलसू पास से यहां पहुंचा जा सकता है, लेकिन ये मार्ग काफी दुर्गम और मुश्किल हैं. सबसे आसान मार्ग चम्बा से भरमौर होते हुए जाता है. हडसर तक बसें जाती हैं. हडसर से ही पैदल यात्रा शुरू होती है.

Chamba Manimhesh Lake
चंबा की मणिमहेश यात्रा. (फोटो -भरमौर प्रशासन)


रास्ते में खानी पीने की सुविधा
13 किमी की पैदल यात्रा के दौरान हडसर से लेकर झील तक जगह-जगह 300 अस्थायी दुकानें हैं. जहां रात के ठहरने की व्यवस्था रहती है. साथ ही रास्ते में फ्री में बड़ी संख्या में लंगर की व्यवस्था भी रहती है.

ये भी पढ़ें: मणिमहेश जा रही गाड़ी लुढ़की, 2 श्रद्धालुओं की मौत, 7 घायल

पंचायत प्रतिनिधि के खिलाफ शिकायत की 15 दिन में जांच

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंबा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 23, 2019, 12:58 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...