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VIDEO: 5 साल पहले ध्वस्त हुआ पुल कागजों में बना, तरेला नाले में बही महिला, दुपट्टे से बची जान

6 माह से तरेला से आगे मंगली के लिए बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है. मंगली व बौंदेड़ी पंचायत के लोगों को जिला व उपमंडल मुख्यालय आने के लिए मजबूरन निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.

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हिमाचल में म़ॉनसून इन दिनों पूरी तरह से मुखर नहीं हुआ है, लेकिन फिर भी नदी नाले उफान पर है. चंबा में पुलिस न होने से एक शख्स नाले में बह गया और छह किमी दूर उसकी लाश मिली. ताजा मामले में एक महिला नदी में बहने से बच गई. गनीमत रही कि उसका दुपट्टा किसी नुकली चीज से फंस गया और वह अटक गई. बाद में लोगों ने उसे बचा लिया.

दरअसल, तीसा के उपमंडल चुराह में बरसात का मौसम आफत बन रहा है. व्यवस्थाएं ठीक न होने के कारण लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं. मंगली में हुए हादसे के बाद तरेला नाले में भी हादसा होते-होते बच गया.

क्रेट में फंसा दुपट्टा तो बच्ची जान
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लोग निजी वाहनों के माध्यम से बौंदेड़ी से उपमंडल मुख्यालय आ रहे थे. इस दौरान नाले में काफी पानी होने के कारण गाड़ी बीच नाले में ही फंस गई. काफी देर गाड़ी न निकलने के कारण लोग गाड़ी से उतरकर वापस जाने लगे. इस दौरान नाला पार करते एक महिला पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई. महिला पानी के साथ करीब 20 मीटर बहकर चली गई. वहां नाले के समीप क्रेट की तार महिला के कपड़ों में फंस गई, जिसके चलते महिला ने पानी के तेज बहाव में अपना संतुलन बना लिया. उसके बाद वहां मौजूद लोगों ने पानी में उतर कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
Chamba Women Blown Away in River.
चंबा के तरेला नाले पर बन रहा पुल.




गाड़ी में सवार थे 20 लोग
बताया जा रहा है कि गाड़ी में करीब 20 लोग सवार थे, ऐसे में यदि गाड़ी पानी के बहाव की चपेट में आ जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था. तरेला नाले में यह घटना पहली बार नहीं हुई है.

नाले पर पुल नहीं है
इससे पहले कई बार लोग पानी के बहाव में बहने से बाल-बाल बचे हैं. 5 साल से यहां यातायात सुविधा भी लगातार सुचारू नहीं हो पाई है। इसका मुख्य कारण इस नाले पर वाहन योग्य पुल न होना है. 5 साल पहले इस नाले पर बना पुल भू-स्खलन की चपेट में आ गया था. वाहनों के गुजरने के लिए लोक निर्माण विभाग ने नाले में स्कपर लगाए हैं, लेकिन बरसात के मौसम में यहां पानी का स्तर काफी ज्यादा होता है.

Chamba Women Blown Away in River.
पुल निर्माण को लेकर लगा बोर्ड.


2014 में भू-स्खलन की जद्द में आया था तरेला पुल
तरेला नाले पर बना पुल अप्रैल, 2014 में भू-स्खलन होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था. पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण चुराह की 4 पंचायतों का संपर्क उपमंडल से कट गया था, जिसके 3-4 माह बाद विभाग ने तरेला नाले पर दूसरी जगह वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी मार्ग बनाया. यहां विभाग ने स्कपर लगाकर उसके ऊपर वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग तैयार किया, लेकिन बार-बार बढ़ रहे जलस्तर के कारण यह मार्ग बह जाता है, वहीं मार्ग के ऊपर से तेज रफ्तार से पानी बहता है जिस कारण इस बहाव में वाहन फंस जाते हैं.

कागज में पुल का काम पूरा, लेकिन अब भी अधूरा
तरेला नाले पर नए पुल का कार्य हो रहा है. यह कार्य जनवरी, 2018 को शुरू हुआ है. करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी इसका निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है. हालांकि, यहां अंकित एक बोर्ड पर पुल का कार्य 18 जुलाई, 2019 को पूर्ण हो चुका है, लेकिन अभी भी पुल को तैयार होने में लग जाएगा.

6 माह से मंगली बस सेवा भी बंद
6 माह से तरेला से आगे मंगली के लिए बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है. मंगली व बौंदेड़ी पंचायत के लोगों को जिला व उपमंडल मुख्यालय आने के लिए मजबूरन निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. सोमवार को भी करीब 20 लोग निजी वाहन में सवार होकर तीसा आ रहे थे तो नाले के बढ़े जलस्तर में वाहन फंस गया. गनीमत यह रही कि वाहन अपनी जगह से नहीं हिला अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था.

5 साल से मर-मर कर जी रहे ग्रामीण
मंगली, बौंदेड़ी, जुनास व गुईला पंचायतों के लोगों का कहना है कि 5 साल हो गए हैं और उनकी परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं. 5 साल पहले तरेला में पुल गिरने के बाद आज तक नाला पार करने के लिए उन्हें मौत का सामना करना पड़ता है. कई बार महीनों मार्ग बंद हो जाता है, जिस कारण यहां मुसीबतें दोगुनी हो जाती हैं. वहीं, अधिशासी अभियंता का कहना है कि जल्द ही समस्या हल की जाएगी.

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