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COVID-19: ट्रंप की पसंदीदा दवा के निर्माण के लिए कवायद हुई तेज, प्रशासन से लेकर सरकार तक सभी हुए सक्रिय
Shimla News in Hindi

News18 Himachal Pradesh
Updated: April 10, 2020, 7:56 PM IST
COVID-19: ट्रंप की पसंदीदा दवा के निर्माण के लिए कवायद हुई तेज, प्रशासन से लेकर सरकार तक सभी हुए सक्रिय
जयपुर में कोरोना से अब तक 3 मौतें दर्ज हो चुकी हैं.

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की करीब 250 फार्मा इका‍इयों (Pharma Units) ने दवाओं का फिर से उत्‍पादन शुरू कर दिया है. इनमें से अधिकांश कंपनियां हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्विन (Hydroxychloroquine) नामक दवा का उत्‍पादन करती हैं.

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शिमला: अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (President Donald Trump) की पसंदीदा दवा के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कवायद तेज हो गई है. जीवन रक्षक इस दवा के लिए इन दिनों प्रशासन से लेकर सरकार तक सभी सक्रिय हैं. दरअसल हम बात कर रहे हैं हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्विन (Hydroxychloroquine) नामक दवा की. जिसका उत्‍पादन शुरू करने के लिए हिमाचल प्रदेश में व्‍यापक स्‍तर पर कवायद शुरू हो गई है. जिससे हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्विन दवा की देश और विदेश में मांग पूरा हो सकी. इस कवादय के तहत, बीते दिनों हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर (Chief Minister Jairam Thakur) ने कुछ प्रमुख दवा कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए बात भी है.

मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर का जिन फार्मा कपंनियों के साथ हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्विन के निर्माण को लेकर वार्ता हुई है, उसमें डॉ रेड्डीज, कैडिला, अल्‍केमिस्‍ट और टोरेटो जैसी फार्मा कंपनियां शामिल हैं. मुख्‍यमंत्री ने वार्ता के दौरान, फार्मा कंपनियों को आश्‍वासन दिया गया है कि दवाओं के उत्‍पादन के लिए कच्‍चे माल, कर्मचारियों के आवागमन और दवाओं की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए सरकार की तरफ से भी आवश्‍यक कमद उठाए जाएंगे. सूत्रों के अनुसार, मुख्‍यमंत्री से वार्ता के बाद फार्मा कंपनियां दवाओं के उत्‍पादन के लिए मान तो गई हैं, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्‍या मजदूरों के आवामन की है.

परिवहन निगम करेगा फार्मा कंपनियों की मदद
फार्मा कंपनियों की इस समस्‍या के निवारण के लिए स्‍थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है. फिलहाल, फार्मा कंपनियों की मदद के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपना कदम बढ़ाया है. निगम फार्मा कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों को लाने में मदद करेगा. हालांकि, नियम की यह मदद तब तक पूरी नहीं कर सकेगा, जब तक उसे बसों के संचालन के लिए प्रत्‍येक जिले के डीसी से इजाजत नहीं मिल जाए. इस गतिरोध को दूर करने के लिए निगम और फार्मा कंपनियों ने बद्दी, बरोटीवाला व नालगढ़ के प्रशासन से बातचीत शुरू कर दी है. उल्‍लेखनीय है कि बीते दिनों हिमाचल सरकार जीवन रक्षक दवाएं बनाने वाली कंपनियों से मदद का आग्रह किया था.



250 फार्मा कंपनियों ने शुरू किया दवा का उत्‍पादन


इस पूरे प्रकरण पर हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि सूबे की करीब 250 फार्मा इका‍इयों ने दवाओं का फिर से उत्‍पादन शुरू कर दिया है. इनमें से अधिकांश कंपनियां हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्विन नामक दवा का उत्‍पादन करती हैं. इस दवा की न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की महामारी से बचने के लिए मांग हो रही है. उन्‍होंने बताया कि इन फार्मा कंपनियों में कच्‍चा माल लाने और दवाओं को ले जाने के लिए पर्याप्‍त संख्‍या में मालवाहक वाहन उपलब्‍ध कराए जाएंगे. इसके अलावा, दवाओं के निर्माण के लिए फार्मा कंपनियों की तरफ से आपेक्षित संसाधनों की व्‍यवस्‍था करने में सरकार मदद करेगी.

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First published: April 10, 2020, 7:55 PM IST
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