जीत के लिए शत्रुनाशिनी मां बगलामुखी के दर पहुंचे अनुराग ठाकुर, करवाया तांत्रिक अनुष्ठान

त्रेतायुग में मा बगला मुखी को रावण की ईष्ट देवी के रूप में भी पूजा जाता है. त्रेतायुग में रावण ने विश्व पर विजय प्राप्त करने के लिए मां की पूजा की. इसके अलावा भगवान राम ने भी रावण पर विजय प्राप्ति के लिए मां बगलामुखी की आराधना की.

News18 Himachal Pradesh
Updated: May 16, 2019, 3:41 PM IST
जीत के लिए शत्रुनाशिनी मां बगलामुखी के दर पहुंचे अनुराग ठाकुर, करवाया तांत्रिक अनुष्ठान
कांगड़ा के देहरा में माता बगलामुखी का मंदिर.
News18 Himachal Pradesh
Updated: May 16, 2019, 3:41 PM IST
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में शत्रुनाशिनी देवी माँ बगलामुखी मंदिर में अनुराग ठाकुर ने तांत्रिक अनुष्ठान करवाया है. अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार देर रात अनुराग ठाकुर मंदिर पहुंचे और तांत्रिक अनुष्ठान करवाया.

गौरलतब है कि इस मंदिर में शत्रुओं के नाश के लिए तांत्रिक हवन करवाया जात है. यहां नेता से लेकर नामी हस्तियां आती रहती हैं.दो दिन पहले ही 14 मई को कांग्रेस नेता राजबब्बर भी यहां पहुंचे थे और तांत्रिक अनुष्ठान करवाया था.



कई हस्तियां आती हैं यहां
अपने कार्यकाल में 15 मार्च 2015 को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी माँ बगलामुखी मंदिर में दर्शनों उपरांत हवन अनुष्ठान करवाया, जिसके बाद से ये मंदिर पूरे भारत में सुर्खियों में आया. सन 1977 में चुनावों में हार के बाद पूर्व प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी ने भी प्रदेश के इस प्राचीन मन्दिर में अनुष्ठान करवाया. उसके बाद वहह फिर दोबारा सत्ता में आई और 1980 में देश की प्रधानमंत्री बनी.

ये भी पहुंचे थे
इससे पहले भी इस मन्दिर में कई नामी हस्तियाँ हाजिरी भर चुकी हैं. इनमें नोट फॉर वोट मामले में फंसे सांसद अमर सिंह, उनके साथ आई सांसद जया प्रदा, आतंकवादी विरोधी फ्रंट के अध्यक्ष मनमिंदर सिंह बिट्टा, कोंग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर, उत्तर प्रदेश के कांग्रेस सांसद राज बब्बर की पत्नी नादिरा बब्बर के नाम सुर्ख़ियों में रहे. गोविंदा और गुरदास मान जैसी जाने-माने चेहरे यहां आए हैं. कांगड़ा के देहरा से मात्र 8 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित मां बगलामुखी मंदिर हजारों साल पुराना है.

देशभर में तीन ही मंदिर
Loading...

भारत में मां बगलामुखी के तीन ही प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर हैं, जो क्रमशः दतिया (मध्यप्रदेश), कांगड़ा (हिमाचल) तथा नलखेड़ा (मध्यप्रदेश) में हैं. तीन मुखों वाली त्रिशक्ति माता बगलामुखी का एक मंदिर आगरमालवा जिला में नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे है. मां बगलामुखी रावण की ईष्टदेवी हैं.

ऐसे पड़ा बगुलामुखी नाम
मां बगलामुखी को नौ देवियों में 8वां स्थान प्राप्त है. मां की उत्पत्ति ब्रह्मा द्वारा आराधना करने की बाद हुई थी. ऐसी मान्यता है कि एक राक्षस ने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया कि उसे जल में कोई मनुष्य या देवता न मार सके. इसके बाद वह ब्रह्मा जी की पुस्तिका ले कर भाग रहा था. तभी ब्रह्मा ने मां भगवती का जाप किया. मां बगलामुखी ने राक्षस का पीछा किया तो राक्षस पानी मे छिप गया. इसके बाद माता ने बगुले का रूप धारण किया और जल के अंदर ही राक्षस का वध कर दिया.

सब कुछ पीला
त्रेतायुग में मा बगला मुखी को रावण की ईष्ट देवी के रूप में भी पूजा जाता है. त्रेतायुग में रावण ने विश्व पर विजय प्राप्त करने के लिए मां की पूजा की. इसके अलावा भगवान राम ने भी रावण पर विजय प्राप्ति के लिए मां बगलामुखी की आराधना की. क्योंकि मां को शत्रुनाशिनी माना जाता है. पीला रंग मां प्रिय रंग है. मंदिर की हर चीज पीले रंग की है. यहां तक कि प्रसाद भी पीले रंग ही चढ़ाया जाता है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

News18 चुनाव टूलबार

  • 30
  • 24
  • 60
  • 60
चुनाव टूलबार