कांग्रेस का गांधी परिवार से ही बंधे रहकर सुसाइड का फैसला खुशखबरी और दुखखबरी भी: शांता कुमार
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कांग्रेस का गांधी परिवार से ही बंधे रहकर सुसाइड का फैसला खुशखबरी और दुखखबरी भी: शांता कुमार
हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार. (FILE PHOTO)

Shanta Kumar on Congress Politics: शांता कुमार (Shanta Kumar) ने कहा कि देश की सबसे पुरानी बड़ी पार्टी (Party) अब भी एक परिवार की गुलामी से आजाद नहीं हो सकी है. भगवान कांग्रेस (Congress) को सद्बृद्धि दे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 26, 2020, 12:48 PM IST
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पालमपुर. राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में जारी सियासी उठापटक पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता एवं हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के भूतपूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने भी बयान दिया और तंज कसा है. शांता कुमार (Shanta Kumar) ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का गांधी परिवार (Gandhi Family) से ही बंधे रहकर आत्महत्या (Suicide) करने का निर्णय मेरे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी भी है और उससे भी बड़ी दुख खबरी भी है. उन्होंने कहा कि वह बड़े धर्म संकट में हैं और समझ नहीं आ रहा है खुशी मनाऊं या दुख मनाऊं?

दूर-दूर तक भाजपा का विकल्प नहीं

शांता कुमार ने कहा कि आज तक दूर-दूर तक न तो भाजपा का विकल्प है और न ही आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी का विकल्प है. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में हमारी पार्टी के सामने राष्ट्रीय स्तर पर कोई भी नहीं है. एक मात्र राष्ट्रीय दल कांग्रेस विकल्प की क्षमता रखती है, लेकिन वह गांधी परिवार की गुलामी से बाहर निकलेगी नहीं और आज की परिस्थिति में इतने बड़े देश में कोई भी दूसरा दल पूरे भारत के सभी प्रदेशों का राष्ट्रीय दल नहीं बन सकता है. हमारी पार्टी हमेशा के लिए एक मात्र सताधारी दल रहेगी. भाजपा कार्यकर्ता के रूप में यह सोच कर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है और सभी कार्यकर्ताओं को होती है.



शान्ता कुमार ने कहा कि जब दल की दीवार से ऊपर उठकर राष्ट्रीय के मन्दिर में खड़ा होकर सोचता हूं तो बहुत अधिक दुखी होता हूं. कहीं भी लोकतंत्र स्वस्थ और सशक्त विपक्ष के बिना सफल नहीं हो सकता है. लोकतंत्र के पक्ष और विपक्ष दो पहिये है, दोनों जरूरी हैं.
काश कांग्रेस के नेता ज्यादा सोचते

शांता कुमार ने कहा कि सौभाग्य से आज आदरणीय नरेन्द्र मोदी नेतृत्व कर रहे हैं और बहुत कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन परन्तु अच्छे और सशक्त विपक्ष के बिना हमेशा के लिए अच्छा लोकतंत्र नहीं चल सकता है. शांता कुमार ने कहा कि कांग्रेस के जो 23 सीनियर नेताओं ने सोचा- काश…वैसा ही अधिक नेता सोचते. सभी को सद्बुद्धि मिलती. भारत अंग्रेजों की गुलामी से 70 साल पहले आजाद हो गया, लेकिन देश की सबसे पुरानी बड़ी पार्टी अभी भी एक परिवार की गुलामी से आजाद नहीं हो सकी है. भगवान कांग्रेस को सद्बृद्धि दें और मेरे भारत में एक स्वस्थ और सशक्त विपक्ष बने.
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